अमेठी: आदर्श नगर पंचायत अमेठी में नाला निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. व्यापारियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की स्वीकृति के बावजूद नाला निर्माण अधूरा है, जिससे बारिश के दौरान नगरवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2021 से अब तक राज्य वित्त, 15वें वित्त आयोग सहित विभिन्न मदों से करीब ₹10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई, लेकिन नगर क्षेत्र में नालों का निर्माण अपेक्षित रूप से पूरा नहीं हुआ. उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गईं, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
महेश सोनी ने बताया कि देवीपाटन मंदिर से डिग्री कॉलेज तक नाला निर्माण के लिए वर्ष 2020-21 में बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन आज तक कार्य पूरा नहीं हो सका. बारिश के मौसम में नालों की बदहाल स्थिति के कारण कस्बे के कई हिस्सों में जलभराव हो जाता है, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले की पहले भी तीन बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार अलग-अलग रिपोर्ट लगाकर मामले को बंद करने का प्रयास किया गया. प्रतिनिधिमंडल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
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ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिलाधिकारी संजय चौहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है.
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