कश्मीर की तरह नागालैंड में भी हिंदुओं की हालत अत्यंत दयनीय है: अश्विनी उपाध्याय

नागालैंड में तेजी से बढ़ रहे जनसँख्या असंतुलन पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने चिंता व्यक्त की है, और कश्मीर की तरह ही नागालैंड में हिन्दूओं की हालत को अत्यंत दयनीय बताया है. इसके सुधार के लिए उन्होंने अपने कुछ सुझाव दिए हैं.


रविवार को अश्विनी उपाध्याय ने फेसबुक पर लिखा कि सच यदि कड़वा हो तो भी बार-बार बोलना चाहिए तथा झूठ यदि मीठा हो तो भी नहीं बोलना चाहिए. सच्चाई यह है कि हिंदुओं की जो हालत श्रीनगर (कश्मीर) में है लगभग वही हालत दीमापुर (नागालैंड) में भी है. यदि हिंदुत्व और हिंदुस्तान को बचाना है तो:


मदरसों और मिशनरी स्कूलों को तत्काल बंद करें तथा 14 साल तक के सभी बच्चों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था अर्थात समान स्लेबस लागू करें.


अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक विभाजन बंद करें तथा संविधान के आर्टिकल 44 के अनुरूप देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता लागू करें.


चीन की तर्ज पर तत्काल एक कठोर और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाएं और इसका उल्लघंन करने वालों की 100% संपत्ति जब्त कर उन्हें आजीवन कारावास की सजा दें.


आठ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं इसलिए विदेशी फंडिंग के लिए बने FCRA कानून को समाप्त करें तथा कालाजादू पाखंड और धर्मांतरण-विरोधी एक कठोर और प्रभावी केंद्रीय कानून तत्काल बनाएं.


हिंदू धर्म को समाप्त करने के लिए अरब और पश्चिम देशों से हर साल अरबों रुपये हवाला के जरिये आता है इसलिए 100 रुपये से बड़ी नोट तथा 10 हजार रूपये से महंगे समान का कैश लेन-देन तत्काल बंद करें तथा 1 लाख से महंगी संपत्ति को आधार से लिंक करें.


अमेरिका की तरह अपराधियों का नार्को एनालिसिस, पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करने के लिए तत्काल एक कानून बनाएं.


कालाधन, बेनामी संपत्ति और आय से अधिक संपत्ति को 100% जब्त करने और ऐसे गद्दारों को आजीवन कारावास या फांसी की सजा देने के लिए तत्काल एक कानून बनाएं.


अलगाववादियों, कट्टरपंथियों, घुसपैठियों, भ्रष्टाचारियों, हवाला कारोबारियों, जमाखोरों, मिलावटखोरों, टैक्सचोरों तथा तस्करों की 100% संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास या फांसी की सजा देने के लिए तत्काल कानून बनाएं.



वैसे अगर आंकड़ो पर नजर डालें तो अश्विनी उपाध्याय की चिंता एकदम जायज है. जनसँख्या असंतुलन और अवैध घुसपैठ वर्तमान समय में देश के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ हैं. देश के कई राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं. इसके बावजूद बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा है. लक्षद्वीप और मिजोरम में हिंदू अब मात्र 2.5% तथा नागालैंड में 8.75% बचे हैं. मेघालय में हिंदू अब 11%, कश्मीर में 28%, अरुणाचल में 29% और मणिपुर में 30% बचे हैं और जिस प्रकार से सुनियोजित ढंग से धर्म परिवर्तन हो रहा है यदि इसे समय रहते न रोका गया तो आने वाले 10 वर्षों में स्थिति अत्यधिक भयावह हो सकती है.


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