गोरखपुर पर्यटन में तेजी से आगे बढ़ रहा : बीआरडी पीजी कॉलेज बरहज के विद्यार्थियों ने चिड़ियाघर और रामगढ़ ताल के लेक क्वीन क्रूज का किया शैक्षणिक भ्रमण

गोरखपुर : गोरखपुर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत बीआरडी पीजी कॉलेज बरहज के छात्र-छात्राओं ने एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गोरखपुर चिड़ियाघर (शहीद अशफाक उल्ला खान जू) और रामगढ़ ताल स्थित प्रसिद्ध लेक क्वीन क्रूज का अवलोकन किया। इस यात्रा के जरिए उन्हें गोरखपुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई।

गोरखपुर पर्यटन का विकास

गोरखपुर पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। रामगढ़ ताल का सौंदर्यीकरण, नौका विहार और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास ने शहर को एक नए पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर रामगढ़ ताल को विकसित किया गया, जहां लेक क्वीन क्रूज जैसी आकर्षक सुविधा शुरू की गई। यह क्रूज पर्यटकों को झील की सुंदरता का आनंद लेने का अनोखा अनुभव प्रदान करता है।

Also Read: CBSE के सिलेबस में बड़ा बदलाव: ‘इस्लाम का उदय’ और ‘मुगल साम्राज्य’ का चैप्टर किताब से हटाया, फैज अहमद फैज की शायरी भी हटाई

भ्रमण का विवरण

बीआरडी पीजी कॉलेज बरहज के छात्र-छात्राओं ने इस शैक्षणिक यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने पहले गोरखपुर चिड़ियाघर का दौरा किया, जहां उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के जानवरों, पक्षियों और वन्यजीवों को करीब से देखा। चिड़ियाघर गोरखपुर-देवरिया बाईपास रोड पर रामगढ़ ताल के निकट स्थित है और पूर्वांचल का पहला तथा उत्तर प्रदेश का तीसरा जू है।

इसके बाद विद्यार्थियों ने रामगढ़ ताल पहुंचकर लेक क्वीन क्रूज का भ्रमण किया। तीन मंजिला इस क्रूज में वे झील पर सैर का लुत्फ उठाने के साथ-साथ पर्यटन से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं को समझ सके। क्रूज पर उन्हें गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक महत्व और स्थानीय संस्कृति के बारे में विस्तार से बताया गया।

शिक्षकों और अतिथियों की भूमिका

इस शैक्षणिक भ्रमण में कॉलेज के शिक्षक और समाजसेवी प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनमें शामिल थे:

– असिस्टेंट प्रोफेसर सज्जन कुमार गुप्ता
– प्रोफेसर सूरज प्रकाश गुप्ता
– डॉ. अनुज श्रीवास्तव
– श्रवण वर्मा
– भूपेंद्र विक्रम सिंह
– समाजसेवी विद्याधर गुप्ता

इन सभी ने विद्यार्थियों को पर्यटन के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्थलों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में मार्गदर्शन दिया। शिक्षकों ने छात्रों को प्रेरित किया कि ऐसे भ्रमण उनके ज्ञान को व्यावहारिक रूप देते हैं और भविष्य में पर्यटन क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा देते हैं।

Also Read : किताबों का न करें इंतजार… CBSE ने कक्षा 6 में तीसरी भाषा (R3) को किया अनिवार्य, स्कूलों को 7 दिनों में लागू करने का निर्देश

विद्यार्थियों का अनुभव

छात्र-छात्राओं ने इस भ्रमण को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के अलावा वास्तविक स्थलों को देखने से उन्हें गोरखपुर की समृद्ध विरासत और पर्यटन क्षमता का बेहतर अंदाजा लगा। कई छात्रों ने रामगढ़ ताल की प्राकृतिक सुंदरता और क्रूज की आधुनिक व्यवस्था की सराहना की।

गोरखपुर पर्यटन की संभावनाएं

गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर, रामगढ़ ताल, चिड़ियाघर, तारामंडल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के विकास से पर्यटन उद्योग को नई गति मिल रही है। लेक क्वीन क्रूज जैसी सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण छात्रों में पर्यटन जागरूकता बढ़ाने और शहर के विकास में योगदान देने का बेहतरीन माध्यम साबित हो रहे हैं।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)