Lucknow: आरक्षण के विरोध में सवर्ण मोर्चा का बड़ा धरना प्रदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप सिंह ने संभाली आंदोलन की कमान

Lucknow: लखनऊ के शहीद स्मारक पर शुक्रवार से सवर्ण मोर्चा ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संगठन ने यूजीसी के नए नियमों और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के विरोध में आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की अपील की हैं।

सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संभाली आंदोलन की कमान

सवर्ण मोर्चा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप सिंह अपने समर्थकों के साथ सुबह शहीद स्मारक पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने यूजीसी के ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026’ को लेकर विरोध जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

Also Read: लखनऊ: सवर्ण मोर्चा का UGC नियमों के विरोध में प्रदर्शन, पुलिस‑प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी

आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था जाति के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर तय की जानी चाहिए। सवर्ण मोर्चा ने सवर्ण आयोग के गठन और मौजूदा आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग दोहराई है। संगठन ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में सामान्य वर्ग के छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

पहले तीन दिन का था कार्यक्रम, अब अनिश्चितकालीन आंदोलन

सवर्ण मोर्चा ने पहले 31 जुलाई से 2 अगस्त तक धरना देने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया गया। संगठन ने देशभर के समर्थकों से लखनऊ पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

Also Read: लखनऊ- सवर्ण मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन, UGC कानून पर उठाए सवाल, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मिलकर मांगा समाधान, ‘काला कानून’ बताया

पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था, शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन

धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोपहर तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। यह आंदोलन जनवरी-फरवरी 2026 में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन की कड़ी बताया जा रहा है, जब यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण संगठनों ने आपत्ति जताई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 जनवरी 2026 को इन नियमों पर रोक लगाए जाने के बावजूद सवर्ण मोर्चा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)