यूपी की राजधानी में बापू भवन में आईएएस रजनीश दुबे के निजी सचिव की मौत के मामले में अब SHO समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. दरअसल, मृतक के भाई ओम प्रकाश ने उन्नाव के औरास थाना के पूर्व एसएचओ हरिप्रसाद अहिरवार और उपनिरीक्षक तमीजुद्दीन समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया है. इनके खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने, धमकी, SC-ST एक्ट, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गयी है.
सुसाइड नोट में भी था जिक्र
जानकारी के मुताबिक, मृतक निजी सचिव विशंभर दयाल के भाई ओम प्रकाश ने आरोप लगाया है कि रिश्तेदारों के जमीनी विवाद में एसएचओ हरि प्रसाद अहिरवार आदि द्वारा झूठे व मनगढंत मुकदमे लगाकर 11 अगस्त, 2019 से लगातार उन्नाव पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई को उन्नाव पुलिस और विपक्षीगणों ने मानसिक उत्पीड़न कर आत्महत्या के लिए उकसाया.
वहीँ निजी सचिव के द्वारा खुद को गोली मारने का मामले में पुलिस को तलाशी के दौरान सुसाइड नोट बरामद हुआ था. सुसाइड नोट में उन्नाव के औरास थाने में विशंभर दयाल की बहन का ससुराल वालों से चल रहे विवाद और दर्ज मुकदमे के कारण तनाव का जिक्र किया गया था. उसमे भी बहन के ससुराल वालों के द्वारा प्रताड़ित किए जाने के साथ ही उन्नाव पुलिस पर भी प्रताड़ना का जिक्र था.
ओमप्रकाश की तहरीर पर उन्नाव जिले के औरास थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) हरि प्रसाद अहिरवार, उप निरीक्षक तमीजुद़दीन और बहन के ससुरालवालों समेत कई अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अनुसूचित जाति जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
इलाज के दौरान हुई थी मौत
बता दें कि बापू भवन की आठवीं मंजिल पर नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल ने 30 अगस्त को रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी. गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनकी तीन सितंबर को अस्पताल में मौत हो गई.
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