बाँदा: बुंदेलखंड के हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है। वर्षों से बंद पड़ी बाँदा की कताई मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मिल के पुनः संचालन की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि कताई मिल बंद होने के बाद हजारों लोग बेरोजगार हो गए और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि मिल फिर से शुरू होती है तो जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी।
मांगकर्ताओं का कहना है कि बुंदेलखंड लंबे समय से उद्योगों की कमी और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में कताई मिल का दोबारा संचालन या उसके स्थान पर नया उद्योग स्थापित होना जिले के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि यदि पुरानी कताई मिल को दोबारा शुरू करना संभव न हो तो उसी परिसर में टेक्सटाइल पार्क, एमएसएमई क्लस्टर या अन्य रोजगारपरक उद्योग स्थापित किया जाए। साथ ही स्थानीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता और परियोजना के लिए विशेष बजट की भी मांग की गई है।
अब यह मांग मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार वर्षों से बंद पड़ी बाँदा की कताई मिल को फिर से चालू कर हजारों युवाओं को रोजगार का तोहफा देगी, या यह मांग भी फाइलों में सिमटकर रह जाएगी?

















































