मथुरा जिले की राधारानी की नगरी बरसाना में लठामार होली का उत्साह चरम पर है। रंगीली गली में गूंजते रसिया गीत, उड़ता अबीर-गुलाल और हुरियारिनों की लाठियां-हुरियारों की ढालों के बीच परंपरागत लठामार होली का अलौकिक दृश्य देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारों के बीच इस दिव्य उत्सव में डूबे हुए हैं। इस बार नंदगांव के हुरियारों का स्वागत हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा के साथ किया गया, जिसने पूरे माहौल को भक्तिरस और उल्लास से सराबोर कर दिया। भक्ति, प्रेम और परंपरा का यह अद्भुत संगम श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है।
रंगीली गली में शुरू हुई लठामार होली
बरसाना की प्रसिद्ध रंगीली गली में लठामार होली की शुरुआत होते ही चारों ओर भक्ति और उल्लास का अद्भुत मेल दिखाई देने लगा। हुरियारिनों ने हाथों में सजी लाठियां उठाईं और हुरियारों ने ढाल थामकर प्रेम की होली खेली। लाठियों से प्रेम बरसाया जा रहा है, जबकि ढालों से बचाव किया जा रहा है। उड़ता गुलाल, गूंजते राधे-राधे के जयघोष और रसिया गीतों की मधुर धुनों से पूरी गली गुंजायमान हो उठी है। श्रद्धालु भावविभोर होकर इस दृश्य को निहार रहे हैं। कई भक्त हाथ जोड़कर राधारानी से मनोकामना मांग रहे हैं, तो कुछ गुलाल अर्पित कर रहे हैं। दूर-दराज से आए श्रद्धालु इस परंपरा को जीवन का सौभाग्य बता रहे हैं और अपनी आंखों में भक्ति भाव लिए इसे कैद कर रहे हैं।
हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा, हुआ अनोखा स्वागत
इस बार नंदगांव के हुरियारों का बरसाना पहुंचते ही उनका स्वागत अनोखे अंदाज में किया गया। जैसे ही हुरियारे रंगीली गली की ओर बढ़े, आसमान से हेलीकॉप्टर के जरिए गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा शुरू हो गई। फूलों की यह बारिश पूरे माहौल को दिव्य और भव्य बना गई। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर पंखुड़ियां इकट्ठा कर रहे हैं और इसे राधारानी की कृपा का प्रतीक मान रहे हैं। पुष्प वर्षा के बीच हुरियारे आगे बढ़ते रहे, जबकि चारों ओर जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। कई श्रद्धालुओं ने मोबाइल से इस पल को कैद किया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर से हुई यह पुष्प वर्षा लठामार होली के उल्लास को और भी यादगार बना गई है।
भक्ति और प्रेम का संगम, श्रद्धालु धन्य महसूस कर रहे
रंगीली गली में उमड़े श्रद्धालु रंग और भक्ति के इस अद्भुत संगम में पूरी तरह डूबे हुए हैं। कोई गुलाल लगाकर होली खेल रहा है, तो कोई हाथ जोड़कर राधारानी के दर्शन कर रहा है। कई भक्तों की आंखों में आंसू और चेहरे पर आनंद साफ झलक रहा है। वे इस परंपरा को देखकर खुद को धन्य मान रहे हैं। लठ-ढाल के बीच सजी होली में प्रेम और भक्ति का ऐसा मेल देखकर हर कोई भावुक हो उठा है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस दिव्य उत्सव का आनंद लेते हुए राधे-राधे के जयकारे लगा रहे हैं। पूरा वातावरण रसिया गीतों, जयघोष और रंगों से महक रहा है।
परंपरा की जीवंतता और आस्था का प्रतीक
बरसाना की लठामार होली सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला का जीवंत प्रतीक है। यहां लाठियां प्रेम की भाषा बोलती हैं और ढालें बचाव नहीं, बल्कि प्रेम की रक्षा का प्रतीक हैं। इस परंपरा में भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम है कि देखने वाला भावुक हो जाता है। श्रद्धालु इसे जीवन भर याद रखने लायक पल बता रहे हैं। बरसाना में आज पूरा माहौल रंगों, भक्ति और प्रेम से सराबोर है। राधारानी की कृपा से यह होली और भी यादगार बन गई है।
बरसाना की यह रंगीली होली न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है। श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। राधे-राधे!
INPUT-ANANYA MISHRA













































