MMMUT में छात्राओं के हॉस्टल में चीफ वार्डन V.K. गिरी पर गंभीर आरोप, जबरन घुसना और कमरा लॉक करने का मामला; 10 घंटे चला छात्रों का उग्र प्रदर्शन, DM-SSP पहुंचे, जांच कमेटी गठित

गोरखपुर : गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में बुधवार को छात्राओं के हॉस्टल में चीफ वार्डन वी.के. गिरी पर गंभीर आरोप लगने के बाद पूरे कैंपस में तनावपूर्ण माहौल बन गया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वार्डन दोपहर में जबरन हॉस्टल में घुसे, कमरे के दरवाजे पीटे और एक छात्रा के कमरे में भी घुस गए, जहां वह कपड़े बदल रही थी। इस घटना के बाद छात्र आक्रोशित हो गए और वार्डन की तत्काल बर्खास्तगी की मांग को लेकर 10 घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया। अंत में डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में 2 घंटे चली बैठक के बाद छात्र शांत हुए और जांच कमेटी गठित करने पर सहमति बनी।

क्या था पूरा मामला?

दोपहर करीब 12 बजे TCS के एक कार्यक्रम में जाने को लेकर चीफ वार्डन वी.के. गिरी छात्राओं के हॉस्टल पहुंचे। छात्राओं ने कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया तो वार्डन ने मना करने के बावजूद जबरन हॉस्टल में घुसने की कोशिश की।

छात्राओं का आरोप है कि वार्डन ने कमरे के दरवाजे और वॉशरूम के दरवाजे जोर-जोर से पीटे। एक छात्रा उस समय अपने कमरे में कपड़े बदल रही थी, उसी दौरान वार्डन उसके कमरे में भी घुस गए। छात्राओं ने कहा, “हम अपने कॉलेज में भी सेफ नहीं हैं।”

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छात्रों का उग्र प्रदर्शन

घटना की जानकारी फैलते ही पूरे कैंपस में आक्रोश फैल गया। हजारों छात्र-छात्राएं इकट्ठा हो गए और चीफ वार्डन वी.के. गिरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों की मुख्य मांग थी कि वार्डन को तत्काल निलंबित किया जाए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।

दोपहर 12 बजे शुरू हुआ यह विवाद शाम तक और उग्र होता गया। पूरे विश्वविद्यालय कैंपस को छावनी में बदल दिया गया। भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीओ कैंट समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।

डीएम और एसएसपी पहुंचे, 2 घंटे चली बैठक

शाम होते-होते स्थिति और गंभीर होती देख रात करीब 9 बजे गोरखपुर डीएम दीपक मीणा और एसएसपी स्वयं विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने 100 से अधिक छात्रों के साथ बंद कमरे में बैठक की।

बैठक में छात्र लगातार वार्डन की सस्पेंशन की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक चली चर्चा के बाद छात्रों को आश्वासन दिया गया कि घटना की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी और कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। छात्रों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई और रात करीब 11 बजे प्रदर्शन समाप्त हो गया।

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डीएम दीपक मीणा का बयान : “देखिए ये कोई प्रोटेस्ट नहीं था। उनकी मांग को सुना गया। मैंने उन सबको आश्वस्त किया कि इस घटना की जांच कमेटी करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिस पर सभी छात्रों की सहमति बनी है।”

वर्तमान स्थिति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। जांच कमेटी जल्द गठित होने वाली है। फिलहाल कैंपस में तनावपूर्ण शांति है और भारी पुलिस बल तैनात है। छात्र संगठनों ने कहा है कि अगर जांच कमेटी निष्पक्ष नहीं हुई या वार्डन पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

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