UP: रायबरेली के सलोन कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत धरई पनाह नगर गांव में कर्ज के दबाव से परेशान एक किसान ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। गंभीर हालत में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
धरई पनाह नगर गांव के रहने वाले 45 वर्षीय सुरेश पुत्र कामता प्रसाद खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शनिवार की देर रात उन्होंने अचानक जहरीला पदार्थ गटक लिया, जिससे कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। अनहोनी की आशंका से घबराए परिजन आनन-फानन में उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलोन पहुंचे। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच-पड़ताल कर रही है।
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मृतक की पत्नी गुड्डन ने बताया कि उनके ऊपर गांव की स्टेट बैंक और भूमि विकास बैंक सलोन का लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज था। पिछले कुछ समय से फसल खराब हो जाने के कारण वे समय पर ऋण की किस्तें नहीं चुका पा रहे थे। आरोप है कि कर्ज अदायगी को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। गुरुवार को दोनों बैंकों के अधिकारी उनके घर पहुंचे और चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर पूरा पैसा जमा नहीं किया गया, तो उनकी जमीन कुर्क कर दी जाएगी। इसके अगले दिन यानी शुक्रवार को लोक अदालत का नोटिस लेकर पुलिस भी उनके घर पहुंच गई थी, जिससे सुरेश अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे और भयंकर मानसिक तनाव में थे।
परिजनों के मुताबिक, शनिवार को दीवानी न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुरेश गए थे, लेकिन वहां से लौटने के बाद वे बेहद उदास और परेशान दिखाई दे रहे थे। उन्होंने घर पर दुख जताते हुए कहा था कि बैंक का कर्ज उन्हें रातभर सोने नहीं देता है और अब फसल भी बर्बाद हो चुकी है, ऐसे में वे क्या करें, कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। इसके बाद उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्होंने परिजनों से कहा कि बैंक का कर्ज अब उन्हें और जीने नहीं देगा।



















































