UP: मिर्जापुर में भगवान श्रीराम के नाम दान की गई जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि शहर कोतवाली क्षेत्र में आलू गोदाम के सामने स्थित करोड़ों-अरबों रुपये की बेशकीमती जमीन को प्लाटिंग कर बेचने की कोशिश की जा रही है। दावा है कि राजस्व अभिलेखों से लेकर हाई कोर्ट के आदेश तक में जमीन भगवान श्रीराम चंद्र के नाम दर्ज होने का उल्लेख है। इसके बावजूद प्रभावशाली लोगों द्वारा जमीन पर कब्जे की कोशिश जारी होने का आरोप लगाया गया है।
मामला मिर्जापुर शहर कोतवाली क्षेत्र के आलू गोदाम के सामने का बताया जा रहा है। आरोप है कि भगवान श्रीराम चंद्र के नाम दान की गई जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों की नजर है और जमीन को प्लाटिंग कर बेचने की तैयारी की जा रही है।
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इस पूरे मामले को लेकर अधिवक्ता संतोष शुक्ला ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने सत्र न्यायालय से लेकर हाई कोर्ट तक इस मामले में वाद दाखिल किया है।
अधिवक्ता का दावा है कि जमीन की खतौनी और अन्य राजस्व अभिलेखों में भगवान श्रीराम चंद्र के नाम जमीन दर्ज है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेशों में भी जमीन के स्वामित्व से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। इसके बावजूद जमीन को हथियाने का प्रयास किया जा रहा है।
आरोप यह भी है कि हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान गलत रूलिंग प्रस्तुत कर फैसला अपने पक्ष में कराने का प्रयास किया गया। हालांकि इस दावे और न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।
अधिवक्ता संतोष शुक्ला ने अब हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम के नाम दर्ज जमीन को किसी भी कीमत पर हड़पने नहीं दिया जाएगा और मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
इस विवाद में मिर्जापुर के कुछ बड़े व्यापारियों और एक भाजपा विधायक के भाई समेत कई प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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