वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के लिए गर्व का क्षण है। विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बरकच्छा (मिर्जापुर) स्थित चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र को वर्ष 2025 की एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के साथ-साथ देश के वैज्ञानिक समुदाय में भी खुशी का माहौल है।
डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र को यह सम्मान वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के आधार पर प्रदान किया गया है। उन्होंने चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण शोध कार्य किए हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। उनकी शोध उपलब्धियों और प्रकाशित शोधपत्रों का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दर्ज किया गया है।
एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री की यह प्रतिष्ठित रैंकिंग शोध की गुणवत्ता, प्रकाशित शोधपत्रों के प्रभाव, उद्धरण (साइटेशन) और अन्य शैक्षणिक मानकों के व्यापक मूल्यांकन के आधार पर तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया में एससीआई जर्नल और एससीआईमागो कंट्री रैंक (SCR) जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को शामिल किया जाता है, जो स्कोपस डाटाबेस पर आधारित होते हैं। इन्हीं मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों को इस सूची में स्थान मिलता है।
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बीएचयू के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि विश्वविद्यालय लगातार शोध और नवाचार के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। डॉ. मिश्र की इस सफलता ने संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती प्रदान की है।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे पूरे बीएचयू परिवार के लिए गौरव का विषय बताया है। उनका कहना है कि डॉ. मिश्र की सफलता युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
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