रायबरेली: बुजुर्ग की हत्या के 13 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा के साथ एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
मामला ऊंचाहार थाना क्षेत्र का है. 12 दिसंबर 2013 को मृतक के पुत्र राजमोहन ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि ऊंचाहार के हसनगंज निवासी रामसुमेर लोध ने पैसों के लेन-देन के विवाद में उसके पिता रामदास की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी थी.
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में रिपोर्ट दाखिल की. इसके बाद 5 जून 2014 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए. आरोपी द्वारा घटना से इनकार किए जाने के बाद मामले का न्यायालय में परीक्षण शुरू हुआ.
अदालत में शासकीय अधिवक्ता विवेक सिंह राठौर ने अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए.साक्ष्य संकलन में महिला आरक्षी प्रियंका त्रिपाठी का भी विशेष सहयोग रहा न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रामसुमेर लोध को हत्या का दोषी माना.
अदालत ने दोषी रामसुमेर लोध को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया. 13 साल पुराने मामले में आए इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.

















































