रायबरेली: प्यार, ऐतराज और फिर खूनी खौफ! हरचंदपुर थाना क्षेत्र के बराइन गांव से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने रिश्ते और इंसानियत दोनों को तार-तार कर दिया। करीब एक महीने से लापता 50 वर्षीय छोटेलाल पासी की कोई तलाश नहीं थी, बल्कि उनकी अपनी ही पत्नी और सगी बेटी ने मिलकर उनकी जीवन-लीला समाप्त कर दी थी। पुलिस ने जब इस अंधे कत्ल की परतें खोलीं, तो खुद पुलिसवालों के भी होश उड़ गए।
मुंबई से लौटे बेटे की जिद ने खोला ‘खूनी राज’
कहानी शुरू होती है बीते 17 जुलाई से, जब घर के मुखिया छोटेलाल अचानक गायब हो गए। गांव में सन्नाटा था, लेकिन मुंबई में रोजी-रोटी कमा रहे उनके बेटे सतीश के दिल में अनहोनी की आशंका गहरा रही थी। पिता से बात न होने पर वह गांव पहुंचा और सीधे 7 अगस्त को हरचंदपुर थाने में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बेटे की इसी एक शिकायत ने मां और बहन के उस ‘काले सच’ से पर्दा उठा दिया।
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‘हेलो’ की गूंज और सिर पर लोहे का वार!
पुलिस का शक जब घर वालों पर गहराया, तो मृतक की पत्नी केशकुमारी और 19 वर्षीय बेटी छाया को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई। कड़ाई से पूछताछ होते ही मां-बेटी ने जो सच उगला, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह के मुताबिक, वारदात वाले दिन छाया फोन पर अपने प्रेमी से बतिया रही थी। तभी अचानक पिता छोटेलाल ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और जमकर लताड़ा। पिता की डांट से भड़की बेटी और पत्नी के सिर पर खून सवार हो गया। दोनों ने मिलकर लोहे की भारी रॉड से छोटेलाल के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आधी रात को खुदा गड्डा, उफन कर आया सच
हत्या के बाद मां-बेटी ने शव को घसीटकर घर के पास ही माइनर के एक गड्ढे में फेंका और ऊपर से मिट्टी डाल दी। गुरुवार रात करीब 9 बजे सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार और थानाध्यक्ष की मौजूदगी में पुलिस ने गड्ढा खुदवाकर गल चुके शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल, ममता का कत्ल करने वाली मां-बेटी सलाखों के पीछे हैं।
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