इटावा: तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खेड़ा बुजुर्ग के नगला केहरी गांव में भारत सरकार की स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि और मकानों की तैयार की गई घरोनी को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता राहुल कुमार ने तत्कालीन लेखपाल मनीष दुबे की कार्यप्रणाली पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार गांव में पूर्व में सभ्रांत लोगों की मौजूदगी में घरेलू बंटवारा हुआ था। बंटवारे में एक भाई को आबादी क्षेत्र में बना मकान दिया गया, जबकि उसके बदले अन्य दो भाइयों को खेत में हिस्सा दिया गया था। आरोप है कि बाद में स्वामित्व योजना के दौरान उक्त मकान से संबंधित भूमि को घरोनी में अपने नाम दर्ज करा लिया गया। इसके बाद खेत में भी हिस्सा मांगने को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
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राहुल कुमार का कहना है कि जिस खेत में मकान बना हुआ है, वहां वह करीब 20 वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मामले को लेकर आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत की गई, लेकिन तहसीलदार जसवंतनगर द्वारा घरोनी में बदलाव की बात कहकर मामले को टाल दिया गया।
शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि यदि स्वामित्व योजना के अभिलेखों में गलती या अनियमितता हुई है तो केवल भविष्य में बदलाव की बात कहने के बजाय रिकॉर्ड तैयार होने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने पूर्व में भरथना तहसील क्षेत्र में घरोनी से जुड़े विवाद के हिंसक रूप लेने का हवाला देते हुए अधिकारियों से समय रहते मामले की निष्पक्ष जांच कर विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।


















































