बांदा: एक गरीब मजदूर महिला, दिव्यांग पति, घायल परिवार और 44 दिन तक न्याय का इंतजार… यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। थाने के लगातार चक्कर लगाने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। इसके बाद गिरवां थाने में पति-पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता का कहना है कि उसका पति दिव्यांग है और पूरे परिवार का पालन-पोषण वह ईंट-गारा की मजदूरी करके करती है। परिवार पट्टे की जमीन पर बने मकान में रहता है।
पीड़िता के अनुसार 19 जून की शाम करीब 4 बजे घर में दरवाजा लगाने के दौरान गांव के विजय कुमार, उसकी पत्नी राजेश्वरी तथा दोनों बेटे राज और वैभव ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि लाठी-डंडों से हमला कर उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं और उसकी बेटी के साथ भी मारपीट की गई।
पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए कहा, “पुलिस हमारी जेब में है, तुम्हें और तुम्हारी बेटी को गायब करा देंगे।” पीड़िता का यह भी आरोप है कि बाद में उसकी बेटी घर से लापता हो गई, जिसकी भी शिकायत की गई है। इस दावे की जांच पुलिस कर रही है।
महिला का कहना है कि घटना के बाद वह 44 दिनों तक थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आखिरकार पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद गिरवां पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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