चंदौली: जीविकोपार्जन योग्य मानदेय, सेवा सुरक्षा और अनुदान बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में शिक्षक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन एडीएम (न्यायिक) रतन वर्मा को सौंपा गया.
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश के वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक वर्षों से बिना नियमित वेतन के शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं. इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों से पूर्णकालिक शिक्षण कार्य तो लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन के लिए आवश्यक मानदेय तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को जीविकोपार्जन योग्य मासिक मानदेय, बंद किए गए अनुदान की बहाली, सेवा शर्तों का निर्धारण तथा शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए. उनका कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
Also Read: UP: प्रेम विवाह के बाद युवती लापता, परिजनों ने पति पर हत्या कर शव गायब करने का लगाया आरोप
महासभा के प्रधान महासचिव जियारत हुसैन ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, लेकिन उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें.
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम (न्यायिक) रतन वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई. ज्ञापन स्वीकार करते हुए एडीएम ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की मांगों को शासन तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाया जाएगा. प्रदर्शन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वित्तविहीन शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे.
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)

















































