UP: बांदा स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज परिसर में डॉक्टर के आवास को चोरों ने निशाना बना लिया। चोर घर से महंगे जेवरात समेत लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी मौजूद है और टाइप-सी आवास में पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी भी रहते हैं।
CCTV में कैद हुई संदिग्धों की गतिविधियां
बताया जा रहा है कि चोरी की पूरी वारदात परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में चोरों की गतिविधियों और उनके आने-जाने से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना है। इसके बावजूद खबर लिखे जाने तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी थी। घटना ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पुलिस चौकी होने के बावजूद परिसर में चोरी की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी चर्चा है कि आखिर चोर परिसर में किस रास्ते से दाखिल हुए और क्या रात के समय पुलिस की नियमित गश्त होती है। संवेदनशील परिसर में हुई इस वारदात ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के सामने कई अहम सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की मौजूदगी वाले परिसर में चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर कैसे निकल गए। CCTV फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। इसके जरिए संदिग्धों की संख्या, उनकी पहचान, वारदात का समय और परिसर में प्रवेश व बाहर निकलने के रास्ते की जानकारी जुटाई जा सकती है।
क्या पहले से थी घर की जानकारी?
चोरी के बाद पुलिस के सामने यह जांच करना भी जरूरी होगा कि आरोपियों को डॉक्टर के आवास और परिसर की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी या नहीं। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्धों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वहीं, चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से जांच की गति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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