UP: परशुराम प्रतिमा को लेकर वायरल वीडियो पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने विधायक सरिता भदौरिया पर साधा निशाना

UP: इटावा सदर विधायक सरिता भदौरिया का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इटावा सांसद अखिलेश यादव ने वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए विधायक पर तीखी टिप्पणी की है। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

परशुराम प्रतिमा को लेकर चंदे की चर्चा

वायरल वीडियो में कुछ लोग विधायक से भगवान परशुराम की प्रतिमा को लेकर चंदा देने की बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में विधायक की ओर से कथित तौर पर कहा जा रहा है कि लोग चंदा एकत्र करें और वह अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करेंगी। साथ ही, बुलाए जाने पर कार्यक्रम में शामिल होने की बात भी कही गई है। वीडियो में कुछ अन्य टिप्पणियां किए जाने का भी दावा किया जा रहा है।

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विधायक ने वीडियो की सत्यता पर उठाए सवाल

मामला सामने आने के बाद सरिता भदौरिया ने वायरल वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वीडियो को एडिट कर अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया जा सकता है। विधायक ने यह संभावना भी जताई कि वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वीडियो असली है या कृत्रिम तरीके से बनाया गया है।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

अखिलेश यादव ने वीडियो को लेकर भाजपा विधायक पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी पार्टी की राजनीतिक शैली से प्रभावित होकर जनता के प्रति कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने विधायक को लेकर अन्य राजनीतिक आरोप भी लगाए और दावा किया कि क्षेत्र में कथित जनाक्रोश के चलते उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलने का अंदाजा हो गया है।

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जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। फिलहाल विधायक की ओर से वीडियो को संदिग्ध और संभावित रूप से AI-जनित बताए जाने के बाद इसकी तकनीकी जांच अहम हो गई है। अब देखना होगा कि वीडियो की वास्तविकता की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक या तकनीकी जांच होती है या नहीं और जांच में इसकी सच्चाई क्या सामने आती है।

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