जौनपुर: शाहगंज नगर पालिका परिषद में आज सियासी पारा चढ़ा रहा। जनता के चुने हुए सभासद ही अपनी नगर पालिका के खिलाफ धरने पर बैठ गए। अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार, मनमानी और जनहित के कार्यों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए सभासदों ने जमकर नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग उठाई। धरना स्थल पर पहुंचे शाहगंज के नायब तहसीलदार को सभासदों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
हालांकि, अधिशासी अधिकारी पर लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं, जब मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार से मीडिया ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
शाहगंज नगर पालिका परिषद में सभासदों का यह धरना कई मुद्दों को लेकर रहा। प्रदर्शनकारी सभासदों का आरोप है कि नगर के रामजानकी मंदिर स्थित बुढ़वा बाबा पोखरे में 24 जुलाई को बड़ी संख्या में मछलियां मर गई थीं। इसकी सूचना तत्काल नगर पालिका प्रशासन को दी गई, लेकिन कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज होने के बाद 27 जुलाई को जाकर मृत मछलियों को हटाया गया।
सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका की आवारा पशु पकड़ने वाली गाड़ी अधिकांश समय बंद पड़ी रहती है, जिससे शहर में आवारा पशुओं का आतंक बना हुआ है। इसके अलावा नामांतरण के मामलों में नियमों की अनदेखी, पक्षपात और अधिशासी अधिकारी द्वारा मनमानी किए जाने के भी आरोप लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान सभासदों ने ईओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जेसीज चौराहे से आजमगढ़ रोड तक बीच सड़क कई दिनों से मलबा पड़ा हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
धरने के बाद सभासदों ने नायब तहसीलदार के माध्यम से उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल, लगाए गए आरोपों पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

















































