बलिया: सिकंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत भाटी में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। गांव के निवासी राकेश कुमार राय दस्तावेजों से भरा झोला लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और ग्राम प्रधान विनोद वर्मा पर करीब 1 करोड़ 56 लाख रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि डेढ़ साल से लगातार 67 बार आवेदन देने के बावजूद भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
पुराने शौचालय पर रंग-रोगन कर निकाले 7.5 लाख रुपये
शिकायतकर्ता राकेश कुमार राय के अनुसार, ग्राम प्रधान ने धरातल पर काम किए बिना ही सरकारी बजट की बंदरबांट कर ली। आरोप है कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल में बने सामुदायिक शौचालय के रख-रखाव का बजट निकाला गया और बाद में उसी में डेंट-पेंट कराकर नए शौचालय निर्माण के नाम पर 7.5 लाख रुपये हड़प लिए गए। इसके अलावा कागजों में दर्ज कई संपर्क मार्ग जमीन पर बने ही नहीं हैं। नरेगा में भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधान की मां के नाम पर फर्जी मजदूरी दिखाकर लाखों की गाड़ी खरीदी गई है।
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अधिकारियों पर जांच दबाने और कमीशनखोरी का आरोप
राकेश कुमार राय ने बताया कि उन्होंने 74 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें से 67 बिंदुओं पर जांच के लिए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की टीम गठित की गई थी। आरोप है कि जांच टीम ने तीन बार तारीख दी, लेकिन मौके पर महज एक बार पहुंचे और पत्रावली न मिलने का बहाना बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। शिकायतकर्ता ने सीधे तौर पर ब्लॉक व जिले के अधिकारियों पर कमीशनखोरी और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए जांच प्रभावित की जा रही है।
’जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर सवाल
हाथ में जिलाधिकारी से मिलने की रसीदें और हजारों पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य दिखाते हुए शिकायतकर्ता ने कहा कि शासन के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि विकास के नाम पर हड़पी गई जनता की गाढ़ी कमाई की वसूली हो सके और दोषियों को जेल भेजा जाए।



















































