सभी दलों से व्यापक विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) बुधवार को लोकसभा (Loksabha) में पेश किया जाएगा। इसे लेकर भारी हंगामे की संभावना है क्योंकि विपक्ष के कई दल इसके पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, भाजपा (Bjp) को अपने सहयोगी दलों का पूरा समर्थन प्राप्त है, जिससे विधेयक के पारित होने की संभावना मजबूत दिख रही है।
जदयू-तेदेपा समेत सहयोगी दलों का समर्थन
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जनता दल यूनाइटेड (जदयू), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और अन्य सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त है। इन सभी दलों ने विधेयक के समर्थन में मतदान करने की घोषणा की है।
राजग में पूर्ण एकता, विपक्ष के कुछ सांसद भी समर्थन में
संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि राजग के सभी दल विधेयक के समर्थन में पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के भी कई सांसद इस विधेयक के पक्ष में हैं।
अमित शाह रहेंगे मौजूद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा तय की गई है। गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता चर्चा में भाग ले सकते हैं। विपक्षी दलों ने बैठक से बहिर्गमन कर सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
संशोधन के साथ दोबारा पेश होगा विधेयक
विधेयक को पहले संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया था, जिसने 14 संशोधनों का सुझाव दिया था। इन संशोधनों को शामिल कर अब इसे फिर से लोकसभा में पेश किया जा रहा है।
व्हिप जारी, संख्या बल में भाजपा आगे
तेदेपा, जदयू, शिवसेना, लोजपा (रामविलास) समेत सभी सहयोगी दलों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। लोकसभा में भाजपा के 240 और सहयोगी दलों के 53 सदस्य मिलाकर कुल 293 सांसद सत्ता पक्ष के समर्थन में हैं। विपक्ष की संख्या 237 है, लेकिन कुछ निर्दलीय और छोटे दलों के सदस्य अभी तटस्थ हैं।
चंद्रशेखर का रुख अस्पष्ट
आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर समेत कुछ सांसदों ने अभी अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है। वहीं, भाजपा का दावा है कि कुछ विपक्षी सांसद भी उसके पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
राज्यसभा में गुरुवार को पेश हो सकता है विधेयक
लोकसभा से पारित होने के बाद विधेयक को गुरुवार को राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है। उच्च सदन में बहुमत के लिए 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। भाजपा के पास 98 सांसद हैं और सहयोगी दलों समेत उसे कुल 125 सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। विपक्ष की संख्या 88 तक पहुंच रही है।चर्च का भी समर्थन मिलाकैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया के बाद चर्च ऑफ भारत ने भी विधेयक का समर्थन करने की घोषणा कर दी है।
लोकसभा में कुल सदस्य
लोकसभा में वर्तमान कुल 542 सदस्य हैं। सत्ता पक्ष में कुल 293 सदस्य शामिल हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 240, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के 16, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के 12, शिवसेना के 07, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 05, जनता दल सेक्युलर (जदएस) और जन सेना के 02-02, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के 02 तथा अन्य 07 सदस्य हैं। वहीं, विपक्ष में कुल 237 सदस्य हैं, जिसमें कांग्रेस के 99, समाजवादी पार्टी के 37, तृणमूल कांग्रेस के 28, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के 22, शिवसेना (यूबीटी) के 09, वाम दलों के 08, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के 08, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 04, आम आदमी पार्टी (आप) के 03, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 03, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आइयूएमएल) के 03, नेशनल कांफ्रेंस के 02 तथा अन्य 11 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, 12 सदस्य ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक सत्ता पक्ष या विपक्ष में शामिल होने का निर्णय नहीं लिया है।