हाथरस में गौ मांस की तस्करी के आरोपों को लेकर हिंदूवादी संगठनों और पुलिस के बीच विवाद गहराता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और गौ रक्षकों ने पुलिस पर कार्रवाई में पक्षपात का आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है।
पुलिस पर कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मांस तस्करी के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय हिंदूवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। इसी मुद्दे को लेकर VHP और बजरंग दल के पदाधिकारियों की थाना हाथरस गेट प्रभारी नितिन कसाना से तीखी बहस भी हुई।
थाना प्रभारी पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी ने हिंदूवादी नेताओं को कथित तौर पर ‘दलाल’ कहा और उन पर चौथ वसूली के आरोप लगाए। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी पर कथित धमकी देने का भी आरोप लगाया। इस घटना का वीडियो सामने आने की बात कही जा रही है, हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
एसपी कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ता, हटाने की मांग
घटना से नाराज VHP, बजरंग दल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गौ रक्षक एसपी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी थाना हाथरस गेट प्रभारी नितिन कसाना को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें हटाने की मांग पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा। साथ ही मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई है। फिलहाल प्रदर्शन के चलते पुलिस लाइन परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।


















































