भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि SC-OBC (अनुसूचित जाति-ओबीसी) ने UGC को अपना विरोध मान लिया और विरोध शुरू कर दिया तो क्या कोई व्यक्ति MP-MLA, CM या PM बन पाएगा? इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है और इससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। साक्षी महाराज का यह बयान UGC की नीतियों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित लगता है।
बयान का पूरा संदर्भ
साक्षी महाराज ने UGC की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि SC-OBC समुदाय ने इसे अपना विरोध मान लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया तो राजनीतिक क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति MP, MLA, CM या PM कैसे बन पाएगा। उन्होंने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब UGC की ओर से उच्च शिक्षा में आरक्षण और प्रवेश नीतियों पर बहस छिड़ी हुई है। सांसद का यह कथन आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एक नई बहस छेड़ सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
साक्षी महाराज के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे SC-OBC समुदाय को धमकाने वाला बताया है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सांसद का बयान आरक्षण विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। वहीं भाजपा ने बयान को व्यक्तिगत राय बताकर पल्ला झाड़ लिया है। सामाजिक संगठनों ने भी बयान की निंदा की है और कहा कि यह सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला है।
UGC और आरक्षण का मुद्दा
UGC हाल के दिनों में उच्च शिक्षा में आरक्षण नीतियों पर कई बदलाव कर रहा है, जिस पर SC-OBC संगठन विरोध जता रहे हैं। साक्षी महाराज का बयान इसी संदर्भ में लगता है। उन्होंने कहा कि विरोध की स्थिति में राजनीतिक पदों पर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा, जो एक तरह से चेतावनी जैसा लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान 2024 लोकसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखकर दिया गया है, जहां आरक्षण एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
साक्षी महाराज का राजनीतिक बैकग्राउंड
भाजपा सांसद साक्षी महाराज अक्सर विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। वे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं। इस बयान को भी उनके इसी अंदाज का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी ने इसे उनका व्यक्तिगत विचार बताया है।
आगे क्या होगा
इस बयान पर SC-OBC संगठनों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि विरोध बढ़ा तो राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो सकती है। फिलहाल साक्षी महाराज ने बयान पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। यह बयान भाजपा की आरक्षण नीति पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
INPUT-ANANYA MISHRA













































