बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से पुलिस महकमे को कलंकित करने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। न्याय की गुहार लगाने पहुंची पीड़िता से चार्जशीट दाखिल करने के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग करने वाले उभांव थाना के क्राइम इंस्पेक्टर को एसपी ने पहले ही सस्पेंड कर दिया था। जांच आगे बढ़ी तो एसपी ने थाने के थानाध्यक्ष को भी सस्पेंड कर दिया।
बलिया के उभांव थाने में तैनात तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार मलिक पर एक महिला ने आरोप लगाया था कि वह उसके केस में चार्जशीट लगाने के बदले घिनौनी मांग कर रहे हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ जिसमें इंस्पेक्टर को पीड़िता के साथ आपत्तिजनक बातें करते सुना गया। पीड़िता का आरोप है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे इंसाफ के बदले एक रात की कीमत चुकाने को कहा गया।
पीड़िता के साहस और डीआईजी से मुलाकात के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। ऑडियो वायरल होने और प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद बलिया एसपी ओमवीर सिंह ने क्राइम इंस्पेक्टर नरेश कुमार मलिक को 13 अप्रैल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
वही जांच की आंच अब प्रभारी निरीक्षक यानी थानाध्यक्ष संजय शुक्ला तक भी पहुंच गई है। मामले में संलिप्तता के आरोप में आज यानी 15 अप्रैल को उन्हें भी एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने उभांव थाने पर नई नियुक्ति करते हुए अब निरीक्षक दिनेश कुमार पाठक को कमान सौंपी दिया है।
बलिया पुलिस के मुताबिक इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता फिलहाल कहीं बाहर गई है जिससे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है जैसे ही संपर्क होता है नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महिला सुरक्षा और जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली यूपी पुलिस के लिए या घटना किसी बड़े झटके से कम नहीं है। फिलहाल दोनों अधिकारियों के निलंबन से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अब सबकी नजरे इस पर टिकी है की जांच के बाद इन पर क्या कानूनी किया जाता है।
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