रायबरेली। अगर आप अपनी बाइक में ‘पटाखा’ छोड़ने वाला साइलेंसर लगाने या कार पर रसूख वाला ‘हूटर’ फिट कराने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! अब न सिर्फ आपकी जेब ढीली होगी, बल्कि आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद परिवहन विभाग ने अब उन ‘मिस्त्रियों’ और ‘डीलरों’ पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो चंद रुपयों के लिए सड़कों पर शोर का जहर घोल रहे हैं।
हाई कोर्ट का डंडा: ‘सुओ-मोटो’ के बाद जागा विभाग
ध्वनि प्रदूषण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय (लखनऊ खंडपीठ) के सख्त आदेश के बाद रायबरेली के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अरविन्द कुमार यादव फुल एक्शन मोड में हैं। शनिवार को आरटीओ दफ्तर में जनपद के मोटर डीलरों, गैराज मालिकों और वर्कशॉप संचालकों की क्लास लगाई गई। साफ चेतावनी दी गई— “अब सुधार जाओ, वरना दुकान बंद होने की नौबत आ जाएगी।”
जेब पर भारी पड़ेगा ‘स्टाइल’: 1 लाख का जुर्माना!
बैठक में ARTO अरविन्द यादव ने कानून का पाठ पढ़ाते हुए बताया कि अब कार्रवाई सिर्फ वाहन मालिक पर नहीं, बल्कि उसे मॉडिफाई करने वाले पर भी होगी। अगर वर्कशॉप में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर फिट होता मिला, तो सीधे 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका जाएगा। इस भारी-भरकम जुर्माने से राहत देने की ताकत सिर्फ उप परिवहन आयुक्त या उससे ऊपर के अधिकारियों के पास ही होगी।
वाहन स्वामियों को भी ‘नो एंट्री’: 6 माह की जेल
स्टाइल मारने के चक्कर में अपनी गाड़ी से छेड़छाड़ करने वालों के लिए भी बुरी खबर है।
कंपनी फिटिंग के अलावा कोई भी बदलाव कराया, तो 6 महीने की जेल या 5 हजार रुपये का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।
शोर और वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने पर पहली बार में ही 3 महीने की जेल और 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
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हेल्पलाइन पर मिलेगी ‘चुगली’ की सुविधा
परिवहन विभाग ने जनता के लिए दो जादुई नंबर जारी किए हैं— 1800-1800-151 और 1800-1800-149। अगर कहीं भी अवैध तरीके से साइलेंसर मॉडिफाई हो रहे हैं, तो इन नंबरों पर शिकायत की जा सकती है।
बैठक में ARTO (प्रवर्तन) उमेश चन्द्र कटियार और वरिष्ठ सहायक इमरान शाह ने स्पष्ट कर दिया कि सड़कों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। अब देखना यह है कि रसूखदारों के हूटर और युवाओं की बाइकों के पटाखे इस कानूनी हंटर के आगे कितने दिन टिक पाते हैं।














































