Noida Labour Protest: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में अब जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। नोएडा एसटीएफ और कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने साजिश के आरोपियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए नोएडा और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
दिल्ली-नोएडा में एक साथ दबिश, अहम सुराग मिले
जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस टीमों ने नोएडा के अरुण विहार सहित कई स्थानों पर छापे मारे, जहां से कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा दिल्ली के आदर्श नगर और शाहबाद डेयरी क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन इलाकों से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका हिंसा में सामने आई है, जिसके चलते यहां दबिश दी गई।
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6 संदिग्ध हिरासत में
छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्धों के घरों की तलाशी लेकर मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन डिवाइस की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि हिंसा की योजना और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अब तक छह संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद गिरफ्तार
मामले में सबसे बड़ी सफलता तब मिली जब मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। वह घटना के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। शुरुआती पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि हिंसा के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
1 लाख का इनामी था आरोपी
आदित्य आनंद के खिलाफ नोएडा के फेस-2 थाने में मामला दर्ज था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, उसे ट्रैक कर तमिलनाडु में पकड़ा गया। अब उसे नोएडा लाकर गहन पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है और इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।














































