प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) कांग्रेस महासचिव ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को संसद में पारित न होने के बाद इसे लोकतंत्र की जीत बताया।उनका कहना है, कि विपक्ष ने मिलकर सरकार की उस योजना को विफल किया, जिसमें परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने इसे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा बताया।
महिला आरक्षण पर सरकार की मंशा पर सवाल
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन साल तक महिला आरक्षण कानून पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अचानक हाल ही में नोटिफिकेशन जारी किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में गंभीर है, तो उसे तुरंत इसे लागू करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष महिला आरक्षण के समर्थन में एकजुट है।
Also Read: लोकसभा में फेल हो गया महिला आरक्षण बिल! सरकार को नहीं मिला दो तिहाई बहुमत
विपक्ष की एकता को बताया जीत
उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण जीत है। उनके मुताबिक, सरकार संघीय ढांचे को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही थी, लेकिन विपक्ष ने एकजुट होकर इसे रोक दिया। उन्होंने इसे देश, संविधान और विपक्षी एकता की सफलता बताया।
सत्ता बनाए रखने की रणनीति का आरोप
प्रियंका गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता में बने रहना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार महिलाओं के मुद्दे को अपने हित में इस्तेमाल करना चाहती थी।
बीजेपी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार चाहती थी कि विपक्ष इस बिल का समर्थन करे, जिससे परिसीमन जैसे फैसलों में उसे खुली छूट मिल जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर बिल पास हो जाता तो सरकार इसे अपनी जीत बताती और अगर नहीं होता तो विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने की कोशिश करती। उनके अनुसार, यह रणनीति खुद को महिलाओं का हितैषी दिखाने के लिए बनाई गई थी।















































