जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में डीप फ्रीजर कई सालों से ख़राब, लोग परेशान

सीतापुर : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। जहां एक ओर सरकार आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कलेक्ट्रेट परिसर में लगे दो वाटर कूलर पिछले काफी समय से खराब पड़े हुए हैं, जिससे वहां आने वाले फरियादी और कर्मचारी भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए तरस रहे हैं।

गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और कड़ाके की धूप में लोगों का हाल बेहाल हो रहा है। ऐसे समय में पीने के लिए ठंडा पानी एक बुनियादी आवश्यकता बन जाता है। लेकिन जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों को यह सुविधा नसीब नहीं हो रही। यहां दूर-दराज से, लगभग 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करके आने वाले फरियादी सुबह से ही अपनी समस्याओं को लेकर लाइन में खड़े रहते हैं। घंटों इंतजार के दौरान जब उन्हें प्यास लगती है, तो मजबूरी में उन्हें टंकी का सामान्य पानी पीना पड़ता है या फिर बाहर से महंगा पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है।

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डीप फ्रीजर भी कई वर्षों से खराब पड़े हुए

कलेक्ट्रेट परिसर में नगर पालिका द्वारा लोगों की सुविधा के लिए डीप फ्रीजर भी लगाए गए थे, ताकि गर्मी के दिनों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि ये डीप फ्रीजर भी कई वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। इनकी मरम्मत या रखरखाव की ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं गया है। नतीजतन, ये उपकरण केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। इस लापरवाही का असर न केवल आम जनता पर पड़ रहा है, बल्कि वहां कार्यरत कर्मचारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर काम करने वाले कर्मचारियों को भी पीने के लिए ठंडे पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न

अंततः यह कहना गलत नहीं होगा कि जिला अधिकारी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस प्रकार की अव्यवस्था प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है। आम जनता को राहत देने के लिए केवल योजनाएं बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सही क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस ओर कब ध्यान देते हैं और लोगों को इस समस्या से कब निजात मिलती है।

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