‘हमें ऐसे मित्र की जरूरत नहीं, इसलिए मैंने हाथ जोड़…’, PM मोदी के ‘अखिलेश मेरे मित्र’ वाले बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने रविवार को दावा किया कि अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी INDIA गठबंधन पूरी तरह एकजुट रहेगा और उसमें कांग्रेस की भूमिका अहम बनी रहेगी। अखिलेश के मुताबिक, चुनाव में असली मुद्दा सीटों का बंटवारा नहीं बल्कि जीतने की क्षमता है।

 कांग्रेस के साथ गठबंधन पर सकारात्मक संकेत

रेवाड़ी में एक शादी समारोह में पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन मजबूत है और कांग्रेस उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट उन्हीं को मिलेगा जो जीतने की क्षमता रखते हों, न कि सिर्फ संख्या के आधार पर फैसले होंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी के ‘मित्र’ बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें ‘मित्र’ कहे जाने पर अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे ‘मित्र’ की जरूरत नहीं है, इसलिए मैंने हाथ जोड़ लिए। इससे पहले पीएम मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान अखिलेश को अपना मित्र बताते हुए हल्के अंदाज में टिप्पणी की थी, जिस पर संसद में माहौल कुछ हल्का भी नजर आया था।

भाजपा पर चुनावी हार और शासन को लेकर हमला

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए को अब सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक जैसे मुद्दों पर सरकार अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा आने वाले चुनावों में कई राज्यों में हार का सामना करेगी।

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 सेना में रेजिमेंट और महिला आरक्षण पर टिप्पणी

‘अहीर रेजिमेंट’ के गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कहा कि वह लंबे समय से इसके पक्षधर रहे हैं और इसके साथ-साथ ‘गुजरात रेजिमेंट’ की भी आवश्यकता है, ताकि अधिक लोग सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित हों। वहीं महिला आरक्षण कानून पर उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से फैसले लिए और विपक्ष को गलत तरीके से महिला-विरोधी बताया गया।

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