समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आप कृपया अपनी राजनीतिक मजबूरीवश मेरी दिवंगत माँ का नाम लेकर एक महिला के रूप में एक अन्य महिला का अपमान न करें। नारी के सम्मान में आपसे बस इतना आग्रह है। जिसके बाद मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आदरणीय सुषमा खरकवाल जी,
भारतीय जनता पार्टी
मेयर, लखनऊआप कृपया अपनी राजनीतिक मजबूरीवश मेरी दिवंगत माँ का नाम लेकर एक महिला के रूप में एक अन्य महिला का अपमान न करें। नारी के सम्मान में आपसे बस इतना आग्रह है।
यदि आपके घर में कोई बड़े-बुजुर्ग हों या बच्चे तो उनसे पूछ लीजिए कि… pic.twitter.com/ewxpziEgsR
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 21, 2026
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, अगर आपके (खर्कवाल) के घर पर कोई बड़े-बुजुर्ग हों या बच्चे तो उनसे पूछ लीजिए कि उनका ये अति निंदनीय द्वेषपूर्ण बयान उचित है या नहीं। महिला ही जब महिला का अपमान करेगी तो कौन आपको नैतिक रूप से सही कहेगा। यहां बता दें कि परिसीमन बिल को लेकर सुषमा खर्कवाल ने कहा था कि अखिलेश यादव ने अपनी मां का अपमान किया है।
क्या था मेयर सुषमा खर्कवाल का बयान?
दरअसल, महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर बोलते हुए सुषमा खर्कवाल ने विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव ने उस महिला का अपमान किया है जिस मां ने पैदा किया, और उन रिश्तों का भी सम्मान नहीं किया जिनसे व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ता है, जैसे मां, बहन और बेटी।
विवाद के बाद मेयर की सफाई
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद सुषमा खर्कवाल ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव की मां का कोई व्यक्तिगत उल्लेख नहीं किया। उनका कहना था कि उन्होंने केवल यह कहा कि महिलाओं ,चाहे वे मां, बहन या बेटी हों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जबकि उनका उद्देश्य महिलाओं के सम्मान की बात करना था।
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