औरंगाबाद, गुलरिया में जीआई टैग लाल टेराकोटा शिल्पकारों का अभिनंदन रोटरी यूफोरिया गोरखपुर क्लब ने विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर गोरखपुर के औरंगाबाद, गुलरिया क्षेत्र में जाकर मिट्टी की धरोहर को जीवित रखने वाले प्रतिभाशाली शिल्पकारों को सम्मानित किया। क्लब के सदस्यों ने गोरखपुर की प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त लाल टेराकोटा कला के वरिष्ठ शिल्पकारों को स्मृति चिन्ह, शॉल, पटका और मिष्ठान्न भेंटकर उनका अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार गुलाब चंद प्रजापति को विशेष सम्मान
क्लब ने राष्ट्रपति पुरस्कार 1979 और सिद्धहस्त शिल्प 1980 से सम्मानित गुलाब चंद प्रजापति जी के साथ उनके साथी शिल्पकार सोहन प्रजापति और लाल चंद प्रजापति जी को सम्मानित किया। ईसा पूर्व युग से चली आ रही इस प्राचीन टेराकोटा कला को आज भी जीवित रखने वाले इन शिल्पकारों के हाथों से मिलना और उनकी कला को सम्मान देना क्लब के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव रहा।
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रोटरी सदस्यों ने कहा- मिट्टी की धरोहर को संरक्षण जरूरी
रोटरी यूफोरिया गोरखपुर क्लब के सदस्यों ने कहा कि गुलरिया की लाल टेराकोटा कला गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान है। यह कला न केवल ऐतिहासिक है बल्कि स्थानीय शिल्पकारों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है। क्लब ने संकल्प लिया कि ऐसी धरोहरों को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम संयोजक रोटे. अंजलि विनय गुप्ता को विशेष धन्यवाद
कार्यक्रम के सफल संयोजन के लिए रोटे. अंजलि विनय गुप्ता को विशेष धन्यवाद दिया गया। उनके उत्कृष्ट समन्वय के कारण पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित और भावपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इन रोटेरियंस ने दिया सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों को हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। इनमें शामिल हैं:
– रोटे. अंजलि विनय गुप्ता
– रोटे. नीलम बांका
– रोटे. मिथाली जालान
– रोटे. अंजनी गुप्ता
– रोटेरियन शालिनी पांडेय
क्लब ने कहा कि इन सभी की उपस्थिति और सकारात्मक ऊर्जा से कार्यक्रम बेहद सहज, सौहार्दपूर्ण और स्मरणीय बन गया।
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“यूनाइट फॉर गुड | मिट्टी से मंच तक”
रोटरी यूफोरिया गोरखपुर क्लब ने अपने इस प्रयास को “मिट्टी से मंच तक” का संदेश देते हुए पूरा किया। क्लब का मानना है कि सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण समाज की जिम्मेदारी है और रोटरी ऐसे कार्यों के माध्यम से “यूनाइट फॉर गुड” के उद्देश्य को पूरा करती है।
यह कार्यक्रम गोरखपुर की प्राचीन टेराकोटा कला को मुख्यधारा में लाने और शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। रोटरी यूफोरिया क्लब भविष्य में भी ऐसी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है।













































