AIIMS में दो दिवसीय रिसर्च मेथोडोलॉजी वर्कशॉप शुरू, प्रथम वर्ष के PG छात्रों को मिल रहा प्रशिक्षण

गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के रिसर्च सेल द्वारा प्रथम वर्ष के MD/MS, DM तथा MSc Nursing छात्रों के लिए दो दिवसीय ‘रिसर्च मेथोडोलॉजी वर्कशॉप’ का आयोजन 24–25 अप्रैल 2026 को एग्जामिनेशन हॉल, एकेडमिक ब्लॉक में किया जा रहा है।

वर्कशॉप का उद्घाटन सत्र AIIMS गोरखपुर की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

डॉ. विभा दत्ता ने अपने संबोधन में कहा कि रिसर्च पोस्टग्रेजुएट ट्रेनिंग का अनिवार्य अंग है। छात्रों को जिज्ञासा, मौलिकता और नैतिक जिम्मेदारी के साथ रिसर्च करनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सार्थक क्लिनिकल प्रश्नों पर फोकस करें और रोगी-केंद्रित रिसर्च करें, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।

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पहले दिन के प्रमुख सत्र

वर्कशॉप के पहले दिन छात्रों को रिसर्च के महत्व, रिसर्च प्रश्न तैयार करने की FINER और PICO विधि, अध्ययन डिजाइन, साहित्य खोज, रेफरेंस मैनेजमेंट, प्रोटोकॉल लेखन और बायोस्टैटिस्टिक्स की बुनियादी जानकारी दी गई।

डॉ. आनंद मोहन दीक्षित ने प्रासंगिक और व्यावहारिक थीसिस टॉपिक चुनने पर जोर दिया और बताया कि एक मजबूत रिसर्च प्रश्न ही गुणवत्तापूर्ण शोध की नींव होता है।

डॉ. मनीष कुमार ने FINER और PICO सिद्धांतों की विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि कैसे रोजमर्रा की क्लिनिकल समस्याओं को फोकस्ड रिसर्च प्रश्नों में बदला जा सकता है।

डॉ. तेजस पटेल ने साहित्य खोज और रेफरेंस मैनेजमेंट पर प्रैक्टिकल सत्र लिया। उन्होंने PubMed में प्रभावी सर्च, MeSH टर्म्स के उपयोग और EndNote, Zotero तथा Mendeley जैसे रेफरेंस टूल्स पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

छात्रों की सक्रिय भागीदारी

वर्कशॉप में लगभग 40 प्रथम वर्ष के MD/MS, DM और MSc Nursing छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्र चर्चाओं और ग्रुप एक्सरसाइज में सक्रिय रूप से शामिल हुए।

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दूसरे दिन के सत्र

वर्कशॉप का दूसरा दिन सैंपल साइज एवं सैंपलिंग, डेटा संग्रह एवं CRF डिजाइन, सूचित सहमति, रिसर्च एथिक्स और छात्रों के अपने थीसिस प्रोटोकॉल लेखन पर केंद्रित रहेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को मजबूत और नैतिक रूप से सही रिसर्च प्रोटोकॉल तैयार करने में मदद करना है। यह वर्कशॉप AIIMS गोरखपुर द्वारा युवा स्वास्थ्य Professionals में रिसर्च कल्चर को मजबूत करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।