रायबरेली। महिला आरक्षण विधेयक 2023 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को रायबरेली महिला कांग्रेस ने हुंकार भरी। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन से हाथी पार्क स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान महिलाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरक्षण को तुरंत प्रभावी बनाने की मांग उठाई।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
पैदल मार्च का नेतृत्व कर रही महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शैलजा सिंह ने मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पास हो चुका है, तो संसद में नया बिल लाने का नाटक क्यों किया गया? यह सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। वहीं, लक्ष्मी सिन्हा ने दोटूक कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को बरगलाना बंद करे, देश की महिलाएं अब अपना हक मांग रही हैं।
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’मांगने से नहीं, लड़ने से मिलेगा हक’
कार्यक्रम का संचालन कर रही सुमित्रा रावत ने मांग की कि सरकार महिलाओं से झूठ बोलने के लिए माफी मांगे और कानून को तत्काल लागू करे। महिलाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि इस भीषण गर्मी में महिलाओं का सड़क पर उतरना यह साबित करता है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार बेनकाब हो चुकी है। जब मांगने से अधिकार न मिले, तो सत्ता के खिलाफ लड़कर उसे लेना पड़ता है।
इनकी रही मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मोदी सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर मुख्य रूप से अंजली रावत, उर्मिला लोधी,प्रीता नेथन, हेमलता पासी,शकुन्तला मौर्या, पूजा श्रीवास्तव, गरिमा त्रिवेदी, सोमवती त्रिपाठी, तारावती, कृष्णा वर्मा, नूरूल निशा,पूजा लोधी, बंदना जायसवाल सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस नेत्रियां व कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
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