गोरखपुर। ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने रविवार को सहारा स्टेट स्थित भारत माता मंदिर के समक्ष गोविष्टि यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर गौ रक्षा के मुद्दे पर तीखा हमला बोला।
धमकियों के बावजूद यात्रा शुरू की
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि गोविष्टि यात्रा शुरू करने से पहले उन्हें धमकियां मिली थीं। उन्होंने कहा, “किसी के माई के लाल में हिम्मत नहीं है कि मुझे मरवा दे। अगर कोई पार्टी मुझे मरवाएगी तो वह सत्ता से बेदखल हो जाएगी।” उन्होंने गोरखपुर की निडर जनता का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें डराया जा रहा है।
गौ माता की रक्षा पर सवाल
महाराज ने कहा कि गाय को माता कहकर पुकारा नहीं जा सकता, उसे मारना तो दूर उसका किसी भी तरह अनादर भी नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूछा कि पाकिस्तान या ईसाई देशों में उनकी मांग सुनी जाती है, लेकिन भारत में गो माता की रक्षा की बात सरकार क्यों नहीं सुनती? “इसका मतलब भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं है। जो पार्टी सत्ता में है, वह हिन्दू पार्टी नहीं है।”
सत्ता और परम सत्ता का जिक्र
शंकराचार्य ने कहा कि सत्ता हमें डरा रही है, लेकिन परम सत्ता हमारे साथ है। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री में साहस होता तो केंद्र की परवाह किए बिना गौ माता को राज्य माता घोषित कर देते।
वोट की ताकत पर जोर
महाराज ने जनता से अपील की कि मतदान जरूर करें। उन्होंने कहा, “सरकार हमारी प्रतिनिधि है, सरकार हम (जनता) हैं। आप चाहेंगे तो गाय की रक्षा होगी।” उन्होंने सभी पार्टियों से गो रक्षा का संकल्प लेने की मांग की।
चारों शंकराचार्यों की एकजुटता
शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि यह उनका अकेले का आंदोलन नहीं है। चारों शंकराचार्य मिलकर यह आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के शंकराचार्य के रूप में उन्हें बोलने का अधिकार है।
गोरखपुर आने से पहले धमकी
महाराज ने बताया कि गोरखपुर आने से पहले उन्हें धमकियां मिली थीं, लेकिन वे नहीं डरे। उन्होंने कहा कि गोरखपुर सच में गोरखपुर बने, तो चारों शंकराचार्य यहां आ सकते हैं।
यात्रा का संकल्प
शंकराचार्य ने कहा कि गो रक्षा के लिए 81 दिन में 81 युद्ध की चर्चा करेंगे। बूचड़खानों पर तीसरे चरण में धावा बोलेंगे। उन्होंने जनता से एक नोट, एक वोट गोरक्षा और रामाधाम के नाम पर देने की अपील की।
यह गोविष्टि यात्रा गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से शुरू हुई है। शंकराचार्य महाराज ने कहा कि वे सभी तीर्थ स्थलों की परिक्रमा कर चुके हैं और गोरक्षा का संकल्प लेकर निकले हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य के इस तीखे बयान ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)













































