विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी और बुनकर मजदूर विकास समिति से जुड़े करीब 30 पदाधिकारियों, ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं ने सुभासपा का दामन थाम लिया। पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर की मौजूदगी में सभी नए सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि सुभासपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और विभिन्न वर्गों के लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं।
कई राज्यों और जिलों से जुड़े नेताओं ने थामा दामन
पार्टी में शामिल होने वालों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जावेद आलम का नाम प्रमुख रहा। इसके अलावा बुनकर मजदूर विकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहाबुद्दीन अंसारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद नाजिम अंसारी, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताजुद्दीन अंसारी और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष खालिद सैफी समेत कई नेताओं ने सदस्यता ग्रहण की। इनके साथ अयूब अंसारी, कारी लाइक अंसारी, मुफ्ती मेहर आलम कासमी अंसारी, सलीम अंसारी और मोहम्मद रिजवान सहित अन्य कार्यकर्ता भी सुभासपा में शामिल हुए।
दिल्ली से लेकर लखनऊ तक दिखा राजनीतिक प्रभाव
सुभासपा में शामिल होने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का संबंध दिल्ली, गाजियाबाद, बिजनौर, शाहदरा, प्रतापगढ़, अमरोहा और लखनऊ जैसे कई क्षेत्रों से बताया गया। पार्टी का मानना है कि विभिन्न जिलों और समुदायों से मिल रहे समर्थन से संगठन को आगामी चुनाव में मजबूती मिलेगी। राजनीतिक जानकार इसे पूर्वांचल और बुनकर समाज में पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
अखिलेश यादव और सपा पर अरुण राजभर का हमला
सदस्यता कार्यक्रम के दौरान अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पीडीए नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक जरूरत के हिसाब से बदलता रहता है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पीडीए का असली मतलब “पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश” बनकर रह गया है।














































