संभल जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद हिंसा मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी की वीसी से गवाही, पूछे गए 125 से अधिक सवाल

संभल : संभल में नवंबर 2024 में जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद के दौरान हुई हिंसा और दो लोगों की हत्या के मामले में शनिवार को तत्कालीन सिटी ऑर्डिनेंस (सीओ) अनुज चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में गवाही दी। बचाव पक्ष के वकीलों ने उनसे 125 से अधिक सवाल पूछे। अदालत में अगली सुनवाई 21 मई को होगी।

मामले का पृष्ठभूमि

यह मामला नवंबर 2024 का है, जब जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए कोर्ट द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर दूसरे चरण का सर्वे कर रहे थे। सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी। पथराव, फायरिंग और आगजनी हुई, जिसमें गोली लगने से कुल चार लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने हिंसा के मामले में करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया था।

मुख्य आरोपियों पर हत्या का आरोप

पुलिस के अनुसार, हिंसा की साजिश रचने वाले शारिक साठा गैंग के मुल्ला अफरोज और गुलाम पर दो लोगों की हत्या का आरोप है। दोनों को जेल भेजा गया है। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह की अदालत में अपराध संख्या 340 के तहत चल रही है।

Also Read : आजम खान को एक और झटका, 2019 के विवादित बयान मामले में कोर्ट ने ठहराया दोषी

गवाही को लेकर हुई बहस

अनुज चौधरी की गवाही 12 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उनकी अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने शासनादेश और पुलिस अधिकारी की सुरक्षा का हवाला देते हुए वीसी से गवाही कराने की दलील दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 16 मई को वीसी के जरिए गवाही कराने का आदेश दिया था।

शनिवार को हुई गवाही

शनिवार को अनुज चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने उनसे 125 से अधिक सवाल पूछे। सवालों में शामिल था कि घटना के समय वे कौन से हथियार लेकर गए थे, उनके साथियों के पास कौन-कौन से हथियार थे और अन्य संबंधित मुद्दे। अनुज चौधरी ने सभी सवालों के जवाब दिए।

बचाव पक्ष और सरकारी वकील के बीच तीखी बहस

जब बचाव पक्ष के वकीलों ने मुकदमे से हटकर सवाल पूछे तो जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने इसका विरोध किया और केवल मामले से संबंधित सवाल पूछने की बात कही। गवाही करीब दो घंटे तक चली।

Also Read : तहसील दिवस में बवाल : अधिवक्ताओं और लेखपालों में नोकझोंक, हाथापाई से मची अफरा-तफरी

अगली सुनवाई की तारीख

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 मई को तय की है। इस मामले में अब आगे की गवाहियों और साक्ष्यों की जांच जारी रहेगी।

हिंसा के बाद की स्थिति

नवंबर 2024 की इस हिंसा ने पूरे संभल जिले में तनाव पैदा कर दिया था। प्रशासन को भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी थी। पुलिस अभी भी हिंसा की पूरी साजिश की जांच कर रही है। इस मामले में कुल चार मौतों के अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज हैं।

यह गवाही मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संभल की जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद से जुड़ी हिंसा अब अदालत में विस्तार से उजागर हो रही है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)