गोरखपुर : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमता साबित की है। संस्थान ने विश्व की अत्यंत प्रतिष्ठित चिकित्सा पत्रिका The Lancet Infectious Diseases में प्रकाशित पोलियो वैक्सीन के महत्वपूर्ण बहु-केंद्रित शोध अध्ययन में अध्ययन स्थल (Study Site) के रूप में सक्रिय सहभागिता की है।
AIIMS गोरखपुर की शोध उपलब्धि
AIIMS गोरखपुर की टीम ने “Immunogenicity and safety of a dose-sparing inactivated poliovirus vaccine in infants in India: a phase 2/3, double-blind, randomised controlled trial” शीर्षक वाले अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह शोध भारत में 6-8 सप्ताह के शिशुओं पर नवीन डोज-स्पेयरिंग इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (ds-IPV) की प्रभावकारिता और सुरक्षा पर आधारित है।
शोध की मुख्य विशेषताएं
इस अध्ययन में पारंपरिक IPV वैक्सीन की तुलना में लगभग एक-चौथाई एंटीजन मात्रा वाली डोज-स्पेयरिंग वैक्सीन का परीक्षण किया गया। शोध में पाया गया कि ds-IPV वैक्सीन पोलियो वायरस के तीनों सीरोटाइप्स के विरुद्ध उतनी ही मजबूत प्रतिरक्षा (Immunogenicity) उत्पन्न करती है जितनी मानक IPV। साथ ही इसकी सुरक्षा प्रोफाइल भी बेहद संतोषजनक रही।
यह फेज 2/3 डबल-ब्लाइंड रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल देश के नौ प्रमुख तृतीयक चिकित्सा संस्थानों में किया गया, जिसमें कुल 648 शिशुओं को शामिल किया गया। टीकाकरण 6, 10 और 14 सप्ताह की आयु में किया गया। अध्ययन में किसी भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव (Serious Adverse Event) का वैक्सीन से संबंध नहीं पाया गया।
Also Read : एम्स गोरखपुर में प्रथम पोस्टग्रेजुएट एंडो-ट्रेनर स्किल लैब का उद्घाटन
AIIMS गोरखपुर की टीम
प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator):
डॉ. हीरा लाल भल्ला, प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग
सह-अन्वेषक (Co-Investigator):
डॉ. तेजस पटेल, अतिरिक्त प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी एवं थेराप्यूटिक्स विभाग
अध्ययन का महत्व
शोधकर्ताओं के अनुसार यह नई डोज-स्पेयरिंग वैक्सीन भविष्य में वैश्विक पोलियो उन्मूलन कार्यक्रमों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, खासकर उन देशों में जहां वैक्सीन की लागत और उपलब्धता बड़ी चुनौती है।
The Lancet Infectious Diseases में प्रकाशन को AIIMS गोरखपुर की क्लीनिकल रिसर्च क्षमता, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रमाण माना जा रहा है।
कार्यकारी निदेशक का संदेश
AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने शोध दल को बधाई देते हुए कहा: “मैं डॉ. हीरा लाल भल्ला, डॉ. तेजस पटेल तथा संपूर्ण शोध दल को *The Lancet Infectious Diseases* जैसी प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित इस महत्वपूर्ण शोध के लिए हार्दिक बधाई देती हूं। यह उपलब्धि संस्थान की अनुसंधान संस्कृति और वैज्ञानिक प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करती है।”
शोध दल का संदेश
डॉ. हीरा लाल भल्ला ने कहा कि ऐसे बहु-केंद्रित अध्ययनों से वैश्विक स्तर पर उपयोगी प्रमाण तैयार करने में योगदान मिलता है और संस्थान में सहयोगात्मक रिसर्च संस्कृति मजबूत होती है।
डॉ. तेजस पटेल ने कहा कि यह अध्ययन किफायती और सतत पोलियो वैक्सीन उपलब्धता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
AIIMS गोरखपुर के बारे में
AIIMS गोरखपुर प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत स्थापित राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जो उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल, जैव-चिकित्सीय अनुसंधान और जनस्वास्थ्य सेवाओं के लिए समर्पित है।
यह उपलब्धि न केवल AIIMS गोरखपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के चिकित्सा अनुसंधान क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।









































