रायबरेली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान, छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा और सपा जिलाध्यक्ष इं. वीरेंद्र यादव के निर्देश पर मंगलवार को समाजवादी छात्रसभा ने मोर्चा खोल दिया.
फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के मुख्य द्वार पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में जोरदार हस्ताक्षर अभियान चलाया गया. इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने सहभागिता कर अपना विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक सुर में कहा कि शिक्षा के मंदिरों को बचाना और युवाओं के भविष्य की रक्षा करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है, न कि उन्हें खत्म करना.
राजनीतिक प्रतिशोध का माध्यम न बनें शिक्षण संस्थान: शुभम लोहिया
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष शुभम लोहिया ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक विद्वेष का शिकार बनाना लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है. उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी महज ईंट-गारे की इमारत नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों और शिक्षकों के परिश्रम का प्रतीक है. यदि कोई कानूनी विवाद है भी, तो उसका समाधान न्यायिक व संवैधानिक प्रक्रिया से होना चाहिए, न कि बुलडोजर चलाकर.
उन्होंने आगे कहा कि जब युवाओं को बेहतर विश्वविद्यालय, शोध और रोजगार की जरूरत है, तब शिक्षा संस्थानों पर बुलडोजर की राजनीति की जा रही है. लोकतंत्र में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाता है, दमन से नहीं.
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
छात्रसभा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने ध्वस्तीकरण के आदेश पर तत्काल पुनर्विचार नहीं किया, तो यह जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान आगे भी शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा. इस दौरान सुरजीत सिंह, इजहार अज्जू, रत्नेश मौर्य, विनय कुमार, शिवकांत, हरीश यादव, अभिषेक, धीरज यादव समेत दर्जनों कार्यकर्ता व छात्र उपस्थित रहे.
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