UP: सीतापुर में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में सौंपा ज्ञापन

सीतापुर: अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच (इकाई-सीतापुर) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का विरोध जताया. अधिवक्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की.

ज्ञापन में कहा गया कि विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक होने से लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूट रहा है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है. अधिवक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की.

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके.

अधिवक्ताओं ने अपनी प्रमुख मांगों में हालिया पेपर लीक मामलों की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में सीबीआई या एसआईटी से जांच, पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस नीति लागू करने तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकार को इस दिशा में शीघ्र ठोस निर्णय लेने चाहिए.

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