UP: जौनपुर जनपद पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच क्षमता को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग को नई ट्रैकर डॉग ‘जोरा’ मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के नेतृत्व में जर्मन शेफर्ड नस्ल की इस प्रशिक्षित डॉग को पुलिस टीम का हिस्सा बनाया गया है। इससे अपराधों की जांच में तेजी और सटीकता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बीएसएफ अकादमी से हासिल किया विशेष प्रशिक्षण
‘जोरा’ ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित बीएसएफ अकादमी, टेकनपुर में विशेष ट्रैकिंग प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण के दौरान उसे घटनास्थल से मिलने वाले मानव गंध, पदचिह्न और अन्य महत्वपूर्ण संकेतों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाया गया है।
गंभीर अपराधों की जांच में बनेगी अहम कड़ी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्रैकर डॉग ‘जोरा’ हत्या, चोरी, लूट, डकैती जैसे संगीन मामलों के खुलासे के साथ-साथ लापता व्यक्तियों की तलाश में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को मजबूत करने में इसकी मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सकेगा।
अनुभवी पुलिसकर्मियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
‘जोरा’ के संचालन और देखभाल की जिम्मेदारी प्रशिक्षित हैंडलर आरक्षी कुशराम को दी गई है, जबकि मुख्य आरक्षी मनोज कुमार यादव सहायक हैंडलर के रूप में सहयोग करेंगे। दोनों पुलिसकर्मी नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण के माध्यम से डॉग की कार्यक्षमता को बनाए रखेंगे।
कानून-व्यवस्था को मिलेगा नया तकनीकी सहयोग
पुलिस विभाग का मानना है कि ‘जोरा’ के शामिल होने से अपराधों के त्वरित और प्रभावी अनावरण में सहायता मिलेगी। आधुनिक पुलिसिंग के तहत यह पहल न केवल जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक बनाएगी, बल्कि जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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