बांदा: सात फेरों की रस्म को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था कि एक नवविवाहिता की मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। 7 जुलाई को शादी और 2 अगस्त को मौत महज 26 दिन में उजड़ गई एक नई जिंदगी।
कोतवाली क्षेत्र के तराया गांव में 20 वर्षीय गीता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। ससुराल पक्ष का दावा है कि फंदा लगाने से पहले उसने घर में मौजूद दो मासूम बच्चों के हाथ-पैर बांध दिए थे, जबकि मायके वालों का आरोप है कि दहेज के लिए गीता की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया।
बताया जा रहा है कि घटना के समय परिवार के सदस्य धान की रोपाई के लिए खेत गए थे। घर में केवल गीता और दो मासूम बच्चे थे। बच्ची ने किसी तरह अपने बंधन दांतों से खोले और पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद परिजन पहुंचे, दरवाजा तोड़ा और गीता को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
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