ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। जेवर थाना क्षेत्र में जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे चलती स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे के समय बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। आग की चपेट में आने से 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
आग लगते ही मची अफरा-तफरी, जान बचाने के लिए कूदे यात्री
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा के मुताबिक, घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 11:30 बजे की है। बस में आग लगते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। कई यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती बस से बाहर छलांग लगा दी। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल बस को पूरी तरह ठंडा करने के लिए कूलडाउन प्रक्रिया जारी रही।
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CM योगी ने लिया हादसे का संज्ञान, मुआवजे का ऐलान
ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस, आग की वजह अभी साफ नहीं
जानकारी के मुताबिक, राज कल्पना ट्रैवल्स की बस संख्या BR32 PA8647 दिल्ली से महोबा जा रही थी। ट्रैवल्स की बसें मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रूटों पर संचालित होती हैं। फिलहाल बस में आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद यात्रियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जानकारी जुटा रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
FIR में चालक-परिचालक पर लापरवाही के आरोप
हादसे को लेकर दर्ज FIR में यात्री सुनील कुमार ने चालक और परिचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आग लगने से पहले ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने की गंध आ रही थी, जिसकी जानकारी यात्रियों ने चालक और परिचालक को दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद बस को नहीं रोका गया। कुछ देर बाद ड्राइवर सीट के पास से आग की लपटें निकलने लगीं। इसके बाद कई यात्री बस से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ अंदर फंस गए। FIR में इलाज के दौरान 9 यात्रियों की मौत का भी उल्लेख किया गया है।














