Saharanpur: जमीयत हिमायतुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी अबरार जमाल ने संभल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और साध्वी प्राची के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज शुरू से ही अदालतों के फैसलों पर भरोसा और इत्मीनान रखता आया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आज सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, क्या वे अदालत के हर फैसले का इसी तरह सम्मान करते हैं।कारी अबरार जमाल ने कहा कि अदालत के फैसलों पर सवाल उठाने की राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी पक्षों को न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।
जानिए क्या है पूरा मामला?
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अदालत के तमाम फैसलों पर भरोसा रखना चाहिए, जैसा कि समाज के अन्य लोगों से भी अपेक्षा की जाती है।साध्वी प्राची के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने अवैध मस्जिदों, मदरसों और मजारों पर कार्रवाई तथा खुदाई में शिवलिंग मिलने की बात कही थी, अबरार जमाल ने इसे बेबुनियाद और देश के अमन-इत्तेफाक के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से सभी लोगों को दूर रहना चाहिए। उनके मुताबिक देश की तरक्की और शांति के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में हुई कार्रवाई के मामले को पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान से पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर इंसाफ करने की बात कही।उन्होंने कहा कि भारत की एकता और सुरक्षा के सवाल पर देश का मुस्लिम समाज भी भारतीय सेना के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी का उदाहरण दिया और कहा कि भारत की सुरक्षा में मुस्लिम समाज की भी महत्वपूर्ण भागीदारी है।














