UP: 56 साल से कब्जे वाली संपत्ति 42 लाख में बेचने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

मथुरा: थाना गोविंद नगर में न्यायालय के आदेश पर एक धोखाधड़ी और जमीन हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर 29 सितंबर 2026 को धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत दर्ज हुई है, जिसका नंबर 0399 है। इसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) 351(2) लगाई गई हैं। शिकायतकर्ता राजवीर सिंह पुत्र विपती सिंह निवासी महावीर नगर गोवर्धन रोड, भूतेश्वर कृष्णा नगर, मथुरा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।

उनका कहना है कि वृंदावन रोड मसानी पर दुर्गा सिंह इलेक्ट्रिक वर्क्स के नाम से उनकी एक दुकान और कमरा है। वह पिछले 56 वर्षों से वहां काबिज हैं और इलेक्ट्रिक वर्क्स का काम कर परिवार का पालन कर रहे हैं। यह संपत्ति गीता आश्रम की है जो 1970 से पहले से उनके पास किराए पर है और यह गीता आश्रम एडीशनल ट्रस्ट मथुरा का भाग है। आरोप है कि ट्रस्ट के एक सदस्य की नियत खराब हो जाने के बाद पुनीत वैजल निवासी नोएडा और दीपक मल्होत्रा निवासी नई दिल्ली ने आपराधिक षडयंत्र रचकर ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी तरीके से 40 वर्ष पूर्व ट्रस्ट को समाप्त दिखाकर फर्जी गीता आश्रम सोसायटी का गठन कर लिया।

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दिनांक 11.05.2026 को फर्जी बैठक दिखाकर सर्वसम्मति से विक्रय का प्रस्ताव कर षडयंत्र के तहत ट्रस्ट की संपत्ति के कुल 9 बैनामे कर दिए, जबकि दोनों लोग न तो ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं न ही सचिव। आरोप के अनुसार प्रार्थी जिस संपत्ति पर काबिज है, उसको 8.7.26 को हितेश कुमार निवासी डैम्पियर नगर मथुरा को 42 लाख रुपये में बेच दिया गया। हितेश कुमार ने यह जानते हुए भी कि संपत्ति ट्रस्ट की है और विक्रेताओं को कोई अधिकार नहीं है, फिर भी खरीद ली। इस षडयंत्र में सुशील यादव निवासी सदर बाजार और संजय निवासी गीता एन्क्लेव कृष्णानगर ने दोनों विक्रेताओं से मिलकर फर्जी तरीके से बैनामा कराकर प्रार्थी को सदोष हानि पहुंचाई।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो आरोपी ने कहा कि उसने संपत्ति धोखे से बेच दी है और उसे मारपीट कर निकाल देगा, उसकी ऊपर तक पहुंच है, काम में रोड़ा डाला तो जान से मार देगा। प्रार्थी ने 28.7.26 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह न्यायालय की शरण में आया। न्यायालय के आदेश पर थाना गोविंद नगर में दर्ज हुई है।

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