सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जीआरपी थानों को मिला ISO प्रमाणपत्र

सहारनपुर: राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी दो दिवसीय सहारनपुर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सहारनपुर रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने का निरीक्षण किया और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने पर सहारनपुर जीआरपी थाने को ISO सर्टिफिकेट प्रदान किया। साथ ही मुजफ्फरनगर जीआरपी थाने को भी ISO प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

इस अवसर पर जीआरपी डीजी प्रकाश डी ने कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जीआरपी थाने अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले आजमगढ़ समेत दो जीआरपी थानों को ISO प्रमाण पत्र मिल चुका है। अब सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश जीआरपी के कुल चार पुलिस स्टेशन ISO प्रमाणित हो गए हैं।डीजी प्रकाश डी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है।

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जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यात्रियों की सुरक्षा के लिए संयुक्त कार्ययोजना पर काम कर रही हैं।उन्होंने बताया कि रेलवे में यात्रियों के मोबाइल फोन और सामान की चोरी, यात्रियों को खाने-पीने की चीजें देकर बेहोश कर सामान चोरी करने जैसी घटनाओं को रोकना प्रमुख चुनौती है। इसके अलावा ट्रेनों पर पथराव और रेलवे ट्रैक पर लकड़ी, पत्थर या लोहे की वस्तु रखकर ट्रेनों के संचालन में बाधा डालने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।प्रकाश डी ने यात्रियों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार न करें।

संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी जीआरपी थाना या चौकी को सूचना दें। रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई लावारिस वस्तु दिखाई दे तो उसे छुएं नहीं और तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दें।उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भीड़ में अपने माता-पिता से अलग हो जाते हैं। ऐसे मामलों में जीआरपी और आरपीएफ मिलकर बच्चों को उनके परिवार से मिलाने का काम कर रही हैं।डीजी ने यात्रियों को रेलवे से संबंधित समस्याओं के लिए रेल मदद हेल्पलाइन 139 और यूपी पुलिस की सहायता के लिए 112 का इस्तेमाल करने की अपील की।

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