सोनभद्र: थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत घिवही में मंगलवार सुबह करीब 6 बजे स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गायों से लदे हुए पांच संदिग्ध वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने सभी वाहनों को थाने पहुंचा दिया है तथा वाहन चालकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
कार्रवाई और इलाके में मचा हड़कंप
बरेलीयह पूरी कार्रवाई घिवही निवासी कमलेश यादव के आवास के पास की गई। सुबह-सवेरे एक साथ पांच वाहनों के पकड़े जाने की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली, वहां हड़कंप मच गया। लोग इस बात की चर्चा करने लगे कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों का इस तरह पकड़ा जाना किसी बड़े अवैध कारोबार की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों की चिंता और मांग
नियमित आवाजाही: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से आए दिन पशुओं से लदे पिकअप और अन्य वाहनों की आवाजाही होती रहती है।
झारखंड सीमा की ओर परिवहन: ग्रामीणों का आरोप है कि इन वाहनों के जरिए पशुओं को अवैध रूप से झारखंड की ओर ले जाया जाता है।
गहन जांच की आवश्यकता: ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल वाहनों को पकड़ने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क, परिवहन दस्तावेजों और पशुओं की स्थिति की भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
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तस्करी पर पूरी तरह शिकंजा कसने की अपील
क्षेत्रीय लोगों ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि विंढमगंज से लेकर झारखंड सीमा तक के प्रमुख मार्गों पर सघन निगरानी रखी जाए। उनका मानना है कि नियमित चेकिंग अभियान चलाकर ही तस्करों के दिलों में कानून का डर पैदा किया जा सकता है।फिलहाल, पुलिस पकड़े गए पांचों वाहनों और चालकों के मामले में गहनता से तस्दीक कर रही है। पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि इन वाहनों में पशुओं को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसमें किन नियमों का उल्लंघन किया गया है।
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