गोंडा को मिला पहला आधिकारिक होम स्टे! अब गांव बनेगा मेहमानों का ठिकाना, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

गोंडा: पर्यटन विकास को लेकर जिले में एक नई शुरुआत हुई है। विकासखंड वजीरगंज निवासी विनोद कुमार मौर्या को ‘मौर्या होम स्टे’ के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन संवर्धन नीति के तहत आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यह गोंडा जिले का पहला प्रमाणित होम स्टे बन गया है।

जिलाधिकारी ने सौंपा प्रमाण पत्र, दी शुभकामनाएं

कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने विनोद कुमार मौर्या को होम स्टे का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

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गांव की संस्कृति से जुड़ेंगे पर्यटक

जिलाधिकारी ने बताया कि होम स्टे योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और खान-पान से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि गोंडा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर जिला है, जहां इस तरह की योजनाएं पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान दे सकती हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

प्रियंका निरंजन ने कहा कि ‘मौर्या होम स्टे’ के माध्यम से बाहर से आने वाले पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश और पारंपरिक आतिथ्य का अनुभव मिलेगा। इससे न सिर्फ जिले की पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आय के साधन भी मजबूत होंगे।

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अन्य लोगों से भी योजना का लाभ लेने की अपील

कार्यक्रम में जिला पर्यटन सूचना अधिकारी वंदना पाण्डेय, ग्राम प्रधान वजीरगंज समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस पहल को गोंडा में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और अन्य नागरिकों से भी अपने घरों को होम स्टे के रूप में विकसित करने की अपील की।

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