अपने शिक्षक को देख खुद को रोक नहीं पाए राष्ट्रपति कोविंद, मंच से नीचे आकर गुरु के पैर छूकर कहा- आप मुझे भूले तो नहीं हैं

कहते है कि छात्र और शिक्षक का रिश्ता बहुत प्यारा और आदरणीय होता है. जहां एक छात्र अपने स्कूल या कॉलेज के समय में पढ़ाई करता है तो वहीं उसको पढ़ाने वाले कई सारे शिक्षक होते है. लेकिन, कुछ शिक्षक दिल के इतने करीब होते है कि वो ताउम्र याद रह जाते है. गर्व करने वाली बात तब होती है जब अपने गुरु के द्वारा पढ़ाये गए छात्र से वही गुरु सम्मानित होते है. वो जिंदगी का सबसे अच्छा पल होता है. हालांकि, भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. जिनसे सम्मानित होकर उनके गुरु का सीना गर्व से चौड़ा हो गया.


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अपने शहर आकर छात्र जीवन की यादों में खो गए कोविंद

सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जब अपने शहर आए तो वो छात्र जीवन की यादों में खो गए. इसके बाद जब वो कानपुर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज पहुंचे. यहां पर उन्होंने अपने पूर्व शिक्षक प्यारेलाल, हरि राम कपूर, त्रिलोकी नाथ टंडन को सम्मानित किया. इसी के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने गुरुओं के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया. गुरु-शिष्य परंपरा की इस अनूठी तस्वीर को देखकर वहां पर मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं. अपने शिष्य के हाथों सम्मान पाकर किदवई नगर में रहने वाले 85 वर्षीय त्रिलोकी नाथ टंडन बेहद गर्व महसूस कर रहे थे. सम्मानित होने के बाद टंडन ने बताया कि ‘कोविंद ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया और मुझसे बोले कि आप 100 साल जिएं. मैंने भी कोविंद को बोला कि 100 साल के लिए तो मैं पहले से ही तैयार हूं’. आशीर्वाद देते हुए टंडन ने राष्ट्रपति कोविंद से देश को बेहतर दिशा में आगे ले जाने को कहा.


राष्ट्रपति ने अपने शिक्षक के पैर छुए

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गुरु जीआप मुझे भूले तो नहीं हैं

100 वर्ष पूरे कर चुके अंग्रेजी के शिक्षक प्यारेलाल को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति मंच से नीचे उतरकर पहुंचे. प्यारेलाल के साथ उनकी बहू भी थीं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने आते ही प्यारेलाल के पैर छुए और पूछा कि गुरु जी… आप मुझे भूले तो नहीं हैं. इस पर प्यारेलाल ने कोविंद की पीठ पर हाथ रखा और आशीर्वाद दिया. प्यारेलाल ने बेहद धीमी आवाज में कहा कि आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. वो बच्चा था. इसके आगे वह बोल नहीं पा रहे थे. राष्ट्रपति ने प्यारेलाल की बहू से कहा किसी तरह की परेशानी हो तो मुझे बताइएगा और उनका ख्याल रखने को कहा.


राष्ट्रपति ने अपने शिक्षक के पैर छुए

राष्ट्रपति ने अपने शिक्षक के पैर छुए

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इतना सम्मान कभी नहीं मिला, भाग्यशाली हूं मै

राष्ट्रपति कोविंद को एकाउंट्स पढ़ाने वाले हरीराम कपूर सम्मान पाने के बाद बेहद खुश दिखे. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- ‘मैं उसका (राष्ट्रपति कोविंद) का क्लास टीचर था. उस समय अध्यापक और छात्र का संबंध काफी मधुर हुआ करता था. राष्ट्रपति कोविंद को मैंने आशीर्वाद दिया है कि तुम अच्छे से देश संभालो. बतौर शिक्षक उन्हें कई बार सम्मानित किया गया. लेकिन, इतना सम्मान कभी नहीं मिला. भाग्यशाली हूं मैं’.उन्होंने इसके लिए आयोजकों को भी धन्यवाद दिया.



कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, वीरेंद्र जीत सिंह, आदित्य शंकर वाजपेयी, रमाकांत मिश्र, भगवत प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र कक्कड़, श्याम अरोड़ा, डॉ. अंगद सिंह, नंदिता सिंह, एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह, नीतू सिंह, डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. जीएन गुप्ता, आगरा विवि के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित, डॉ. श्याम बाबू गुप्ता, डॉ. दिलीप सरदेसाई, डॉ. दिवाकर मिश्रा आदि मौजूद रहे.


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