मिर्जापुर: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जल जीवन मिशन और अमृत योजना को लेकर अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने साफ निर्देश दिया कि कागजों पर योजना पूरी दिखाने के बजाय गांव के हर घर तक नल का कनेक्शन और नियमित रूप से पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है। लेकिन मिर्जापुर में जनसुनवाई के दौरान लगातार जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं नल टूटे होने, कहीं पानी नहीं आने, कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और कहीं सड़क खोदकर छोड़ दिए जाने जैसी समस्याओं की शिकायतें मिल रही हैं।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की। उन्होंने बताया कि जिले में कुल नौ स्कीमें संचालित हैं और छह एजेंसियां अलग-अलग ब्लॉक और गांवों में काम कर रही हैं। समीक्षा के दौरान सबसे बड़ी समस्या यह सामने आई कि कई जगह कंप्लीशन सर्टिफिकेट तो जारी हो रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर गांवों में समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।
केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन, जल निगम और संबंधित कार्यदायी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस एजेंसी के जिम्मे जो योजना है, उसके अंतर्गत आने वाले प्रत्येक गांव की स्थिति की जांच की जाए। हर घर में नल कनेक्शन हो और उस कनेक्शन से पानी भी पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत महिलाओं को किट और संबंधित कार्यों की ट्रेनिंग देने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी आम नागरिक को योजना से संबंधित समस्या होने पर शिकायत दर्ज कराने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए और लोगों को इसकी जानकारी भी दी जानी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि ओवरहेड टैंक के साथ-साथ गांव के पंचायत भवनों पर भी जल जीवन मिशन से संबंधित हेल्पलाइन नंबर और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया लिखित रूप से प्रदर्शित की जाए। लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन में समस्या आने पर किस नंबर पर शिकायत करनी है और जल जीवन मिशन के पोर्टल पर शिकायत कैसे दर्ज कराई जा सकती है।


















































