महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025) को दिव्य और भव्य बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को प्रयागराज मेला क्षेत्र में 250 बेड क्षमता वाले 100 सार्वजनिक आश्रय स्थलों का उद्घाटन किया। ये आश्रय स्थल तीर्थयात्रियों और साधु-संतों के लिए ठंड के मौसम में आरामदायक और सुरक्षित ठहराव सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का भी उद्घाटन किया।
आश्रय स्थलों की सुविधाएं
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तैयार किए गए इन सार्वजनिक आश्रय स्थलों में आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। प्रत्येक आश्रय स्थल में:
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- 250 बेड की व्यवस्था।
- गद्दे, तकिए और साफ चादरों की उपलब्धता।
- महिला व पुरुष के अलग शौचालय व स्नानघर
- चौबीसों घंटे (24×7) सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
- नियमित सफाई और चादरों का परिवर्तन।
- इन सुविधाओं का उपयोग श्रद्धालु नाममात्र शुल्क पर कर सकेंगे, जिससे हर वर्ग के लोगों के लिए ठहरने का विकल्प उपलब्ध होगा।
शुल्क और बुकिंग की प्रक्रिया
सामान्य दिनों में:
पहले दिन के लिए ₹100, दूसरे दिन के लिए ₹200।
मुख्य स्नान पर्व के दौरान:
पहले दिन ₹200, दूसरे दिन ₹400।
भुगतान नकद या डिजिटल माध्यम (UPI) से किया जा सकेगा, जिसके बाद टिकट जारी होगा। सीएम योगी ने कहा कि यह पहल खास तौर पर उन तीर्थयात्रियों को ध्यान में रखकर की गई है, जो होटल, गेस्ट हाउस और निजी शिविर का खर्च नहीं उठा सकते।
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कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र की शुरुआत
महाकुंभ क्षेत्र में खोया-पाया केंद्र को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यह केंद्र तीर्थयात्रियों की गुमशुदगी संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान करेगा। मुख्यमंत्री ने इसे महाकुंभ के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो श्रद्धालुओं को सुरक्षित और संगठित अनुभव प्रदान करेगा।
महाकुंभ 2025: भारतीय संस्कृति का वैश्विक मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का जीवंत प्रतीक है। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा।
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